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ममेरी दीदी की शादी मे मेरी सुहाग रात - 1

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Added : 2015-08-10 06:00:00
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प्रेषिका : रुचि

हेलो दोस्तो कैसे हो आप लोग उमीद करती हू ठीक ही होगे वैसे मुझे तो आप लोग जानते ही होगे लेकिन एक बार फिर मैं अपने बारे मे बता देती हू
मेरा नाम रूचि रानी है और मेरे आएग 22 हो गयी है आप लोग ने मेरी आब तक 2 कहानी भाई के दोस्त ने बस मे-1 और भाई के दोस्त ने बस मे-2 पढ़ी और मुझे आप लोगो का जबाब भी बाहौत आछा लगा
और आप लोगो के प्यार के कारण मैं आपनी एक और सेक्स घटना आप लोगो के सामने लिखने की कोसिस कर रही हू अगर मज़्ज़ा आछा लगे तो बताना ज़रूर मैं अपनी कहानी सुरू करू उस से पहले
मैं अपने बारे मे कुछ और बता देती हू वैसे मेरे बारे मे तो आप मेरी पिछली कहानीयो मे पढ़ चुके है अगर जिस ने नही पढ़ा है जा के पढ़ लो पता चल जाए गा आज मैं आप को अपने
फेमली के बारे मे बता रही हू मेरे घर मे मा,पापा के अलबा हम लोग 3 भाई बहन है सब से बरा भाई है जिसका नाम राहुल है वो 28 साल का है वो देल्ही के एक कंपनी मे जॉब करता है
उस के बाद एक बहन है जिसका नाम सुरुचि है जिसकी एज 26 साल है वो मुंबई मे जॉब करती है उसके बाद मैं हू तो मेरे बारे मे आप लोग जानते ही है


फिर भी अपनी फिगुर बता देती हू 36-30-36 है
तो चलो आब मैं कहानी पर आती हू एक दिन मैं कॉलेज से घर आई तो देखी मा के पास एक हॅंडसम सा लड़का बैठा हुआ था मैं मा से पूछी तो मा बताई के ये मेरा ममेरा भाई है वैसे हम लोग 14
साल बाद मीले थे केऊ की वो बाहर रह के पढ़ता था और मैं जब जाते थी वो सब मिलते थे वो नही मिलता था और मा ने बताया के मेरी ममेरी बहन की सदी है और वो हम लोग को लेने आया था लेकिन
किसी को ऑफीस से छूटी नही मिलने के कारण कोई नही जा पाए गा सो तुम चली जाओ तो मैं हा ठीक है मैं चली जाती हू तो मा बोली जाओ तुम जल्दी से रेडी हो जाओ 1 घंटे मे गारी है मैं जल्दी-जल्दी
रेडी हो गयी तब मैं ने सलबार-कुरती पहनी थी सलबार एकदम टाइट था जो की चूतर के पास और जायदा टाइट था जिस मे अगर हल्का सा भी छेड़ भी हो जाए तो पुरे फट जाए जी और कुर्ता भी एकदम टाइट
था और चुची के पास इतना खुला हुआ था की अगर ओढनी नही ओढ़ू तो मेरी आधी चुची सब को दीख जाए और नीचे तो मेरी कमर से 2 इंच नीचे तक ही होगा

जिस से मेरी चूतर सब को आसानी से दीख सकता था |
जब मैं बाहर नीकाली तो वो मुझे घूर-घूर के देख रहा था तो मैं बोली आब चलो तो हम लोग चल दीए और एक बस मे बैठ गयी शाम का टाइम था और लोंग रूट था सो मैं खीरकी के पास बैठी और वो मेरे बगल मे
बैठ गया कुछ देर बाद बस चलने लगा और खीरकी खुली हुई थी सो एक हबा का झोका अंदर आया और मेरी ओढनी को उड़ा दीया तो मैं ठीक की फिर उड़ा दीया मैं बार-बार ठीक कर रही थी और हबा उड़ा दे रहा था
तो मैं इसे ही छोर दी तो कुछ देर बाद मैं देखी की वो तीर्ची नज़र से मेरी चुची का फ्री शो देख रहा था लेकिन मैं कुछ नही बोली और मान मे सोची की ऐसे कपारे तो दीखने के लीए ही तो पहनती हू
और उसको कुछ नही बोली और सायेद उसको भी पता चल गया था की मैं देख ली लेकिन कुछ नही बोली तो उस नी मेरे कंधे पर हाथ रख कर बैठ गया

और बोला हाथ दुख रहा है तो मैं कुछ नही बोली
तो उसका मान और बढ़ गया और उस ने खीरकी खोलने के बहाने अपने हाथ को मेरी चुची से सटा दीया और खीरकी खोल दीया फिर भी मैं कुछ नही बोली और मैं आख बंद कर ली और सोने का नाटक करने लगी

और उसको लगा मैं सच मे सो गयी तो उस ने उसका फ़ायदा उठाते हुए उस ने अपना एक हाथ मेरे जाँघ पर रखा और हल्के से सहला दीया फिर उस ने धीरे से अपना हाथ थोरा और अंदर की ओर सहलाते हुए कीया
और मुझे लगा के वो अपना हाथ मेरी चूत तक ले जाए गा लेकिन नही ले गया और उस ने भी मेरे कंधे पर अपने सिर रखा और अपने सिर को हल्का नीचे करते हुए मेरी चुची पर रख दीया और अपने होठ से
काटने की कोसिस करने लगा जब मैं कुछ नही बोली तो वो अपना सिर हटाया और अपने एक हाथ से मेरी चुची को हल्के से सहलाने लगा और फिर भी मैं कुछ नही बोली वैसे भी तब तक आँधेरा हो चुका था सो
किसी को जायदा दीख नही रहा था फिर उस ने अपने एक हाथ मेरी चुची को थोरा ज़ोर से दबाया तो मैं उठने का नाटक की तो वो थोरा डर गया

और मुझ से थोरा आलग हो गया और साइड मे बैठ गया
तो मैं अपने सीट से उठी और उपर बेग से एक चादर नीकाल ली क्यू की तब तक ठंड भी बढ़ रही थी और ओढ़ ली और उसके तरफ देख कर मुस्कुरा दी और बोले ठंड जायदा है आप भी ओढ़ लो इतना सुनते ही वो
मुझ से चीपक कर बैठ गया और अपना एक हाथ मेरी जाँघो पर रख दीया और सहलाते-सहलाते मेरी चूत तक पहुच गया और अपनी उंगली से मेरी चूत के उपर फेरने लगा तो मैने भी अपनी दोनो टॅंगो को फैला दी जिस से
उसको मेरी चूत तक पहुचने मे और आसानी हो रही थी कुछ देर बाद चूत को छोर कर वो अपने हाथ को मेरी कमर पर ले गया और उसको सहलाने लगा और धीरे-धीरे वो मेरी नाभी के आस पास अपनी उंगली घूमने लगा और
कुछ देर बाद मेरी नाभी मे उंगली डाल कर घूमने लगा और मैं आख बंद कर के अपने होत को अपने दात से दबाए हुए इस सब का मज़्ज़ा ले रही थे और धीरे-धीरे मैं भी अपना हाथ उसके लंड पर ले गयी और
उसको दबाने लगी वो एकदम टाइट था के तभी बस मे लाइट जला दीया और मैं अपना हाथ पीछे खीच ली और उस से थोरा हट गयी |बस था ना कोए देख लेता तो बदनाम हो जाती

और हम लोग वैसे ही बैठे रहे रात के 10 बजे तक उसके बाद एक स्टॉपेज आया और बस के लग भाग सब लोग उतार गये थे बाकी जो थे वो आगे बैठे हुए थे पीछे सिर्फ़ हम दोनो ही थे तो मैं पूछी आभी और
कितना दूर है तो वो बोला 3 घण्टे और तबी बस का ड्राइबर बोला लाइट ऑफ कर देता हू आप लोग सो जाओ जब आप का स्टॉप आए गा जगा दूँगा और उस ने लाइट ऑफ कर दीया |लाइट ऑफ होते ही वो मेरी गाल पे एक किस कीया
और मेरी कान मे बोला आब तो सुरू हो जाउ तो मैं कुछ नही बोली लेकिन गर्दन उपर-नीचे कर दी और उसको तो खुली छूट मील गयी तो उस ने सीधे अपना दोनो हाथ मेरी चुची पर रखा ओए उसको कापरे के उपर से ही
मसालने लगा फिर उस ने मेरी ओढनी पूरे ही हटा दी और मेरी बदन के खुले भाग पर किस करने लगा और अपना एक हाथ मेरी चूत के पास ले गया और कपारे के उपर से ही मसालने लगा तो मैं भाई फिर उसकी लंड को
कपरे के उपर से सी दबाने लगी फिर कुछ देर बाद उस ने अपना दोनो हाथ मेरी कुरती के पीछे ले गया और पीछे से मेरी चेन खोल दीया और मेरी कुरती को थोरा आगे खीच कर मेरी एक चुची को बाहर नीकाल
दीया और उसको चूसने लगा तो मैं भी उसके लंड को बाहर नीकाल दी और उसको हीलने लगी कुछ देर ऐसा करने के बाद वो थोरा नीचे हुआ

उर मेरी सलबार के उपर से ही मेरी चूत को अपने मूह से दबाने लगा
और अपने एक हाथ से मेरी चुची दबा रहा था और एक हाथ से मेरी पेट को सहला रहा था फिर उस ने मेरी पाजामे का नारा खोलने की कोसिस करने लगा तो मैं माना कर दी और बोली बाद मे तो वो मान गया और
सीट पर आ कर बैठ गया तो मैं थोरा नीचे झुकी और उसके बाहर . लंड पर अपने कोमल . से किस की फिर उसके लंड को चूसने लगी और वो मेरी पीठ पर क़िस्स्स कर रहा था
और कुछ देर मे वो झार गया और सारा माल मेरे मूह मे ही छोर दीया और मैं पी गयी और उठने ही बाली थी की बस बाला आगे से बोला पीछे बेल भैया आप लोग का स्टॉप कुछ देर मे आने बाला है
इसलीए आप लोग उठ जाओ तो हम दोनो ने आपने-अपने कपारे ठीक कीए और अपने स्टॉप पर उतार गयी

लेकिन वाहा कोई नही था तो उस ने मेरी चूतर को दबाया और बोला की यही पास मे एक होटल ले लेते है और सुबह तक मज़्ज़ा करते है तो मैं बोली नही घर चलते है तो उस ने एक टॅक्सी को बुलाया और हम घर पहुच गये
मुझे वाहा देख कर सब भौत ख़ूस्स हुए और हम दोनो को बोले तुम लोग थक गये होगे सो थोरी देर आराम कर लो कल से भौत काम है |सुबहा साब लोग रेडी हो कर एक होटल के चले गये केऊ की सदी होटल मे ही होने बाली
थी जब सब को रूम मिल रहा था तो भैया ने मेरी रूम के बगल मे अपना रूम लीया और सब लोग अपने-अपने काम मे लग गये काम करते-करते कब साम हो गया पता हे नही चला . को मैं अपने रूम मे आए और अपने कापरे
बदल रही थी तो मुझे लगा पीछे कोई है फिर सोचे रूम तो बंद है कोए कैसे होगा और कपारे बदलने लागी जब सिर्फ़ ब्रा पैंटी मे थी तो किसी ने मेरे चूतर पर किस कीया तो मैं पीछे मुरी और देख कर बोली
भैया आप तो उस ने मेरे मूह पर अपना हाथ रख दीया और बोला धीरे बोलो कोई सुन लेगा |तो मैं पूछी आप अंदर कैसे आए तो उस ने एक दरबाजा दीखया जो दोनो रूम को जोर्ती थी और बोला तुम्हारे लीए ही ये दो रूम हम
दोनो के को मीला है मैने ही लीया है |और मेरे चुची पर किस करते हुए अपने दोनो हाथो से मेरे चूतर को दबाते हुए बोला के अभी एक राउंड हो जाए तो मैं बोली मुझे मामी नीचे बुलाए है ड्रेस चेंज कर के
तो बोला एक राउंड होने दो ना फिर . जाना तो मैं बोली रात को . नही तो वो मान गया तो मैं बोली मैं . सा ड्रेस पहनु तो उस मे मेरी बैग से एक गुलाबी सदी ,पेटीकोट और बलौज नीकाल के दीया और बोला इस . मे आना
तो आज हम सुहाग रात मनाए गे तो मैं मुस्कुरा दी ... फिर वो बैठा रहा मैने लाल ब्रा और पैंटी पहनी फिर बालौज पहने फिर पेटीकोट पहनी और उसका नारा बाध ही रही थी की वो बोला तोरा और नीचे कर लो तो मैं
नीचे कर ली जिस सी वो कमर से 4 उंगली नीचे बाँध ली और सड़ी पहन कर . गयी

जब मैं नीचे का काम ख़तम कर के आई और अपना रूम लॉक कर के रूम के अंदर के रास्ते से उसके रूम मे गयी

तब मैं गुलाबी सड़ी और गुलाबी ब्लौज मे थी और नंगा अपने बेड पर बैठा हुआ था मुझे देखते ही वो उठा और मेरे पास आया और मेरे गले लग गया और मेरे कमर पर हाथ फेरने लगा और मुझे किस्स करने लगा फिर वो मेरी कमर को पकरे हुए और किस करते हुए अपने बेड के पास लाया
और ब्लॉज के उपर से मेरी चुची को चूमने लगा और नीचे से हाथ से मेरी चुची को दबा रहा था फिर कुछ देर ऐसे करने के बाद फिर वो मुझे किस करने लगा और उसका हाथ मेरे कमर पर हे था तब वो बोला रूचि कमरे के लाइट जला दू तो मैं बोली जला दो तो वो
लाइट जलाने चला गया और लाइट जला दीया और आते ही अपने एक उंगली को मेरी बालौस के नीचे से डालने की कोसिस करने लगा फिर अपने लंड को मेरी नवी मे रगार्ने लगा फिर मेरे चुची को थोरा दबाया और फिर मेरे पेट पर किस कीया और अपने हाथ को मेरी दोनो टॅंगो के बीच से होते हुए मेरी चूत तक पहुचेया
और मेरी चूत को उपर से ही हल्का दबाया और एक हाथ से मेरे बॉल को हटाया और मेरी गर्दन पर किस कीया और दूसरे हाथ से मेरी कमर को पाकर के अपने ओर खीचा और मैं उस से पूरे चीपक गयी जिस से उसका लंड ठीक मेरी चूत के सामने था और अगर बीच मे सड़ी की दीबार नही होती
तो आब तक अंदर जा चुका होता और दोनो हाथो से मुझे अपनी ओर चिपका के मुझे किस करने लगा फिर वो बेड पर बैठ गया जिस से उसका सर मेरी चुची के पास था तब वो एक हाथ से मेरे कमर को और एक हाथ से मेरे चुची को दबा रहा था और और दूसरी चुची को मूह से दबा रहा था
कुछ देर ईसा करने के बाद वो मेरी पेट को ज़ोर ज़ोर से खाने लगा वो मेरी पेट को इतने जोए से काट रहा था की मैं आआआआआआहह के आबाज नीकाल रही थी फिर कुछ देर ऐसा करने के बाद वो अपनी जीभ को मेरी बालौज मे डालने की कोसिस करने लगा फिर वो उठा
और मेरी गर्दन से किस करना सुरू कीया और पूरे उपर किस करने लगा और मेरा हाथ पाकर कर अपने लंड पर ले गया तो मैं भी उसके लंड को पाकर ली उसका लंड एकदम गरम लोहे के तरह करा और गर्म था और मैं उसके लंड को अपने कोमल हाथो से सहलाने लगी
फिर वो मेरे सड़ी को हटाने के कोसिस करने लगा लेकिन हटा नही पा रहा था तब मैं आलपीन को खोल दी फिर उस ने सदी को नीचे गीरा दीया जिस से बालौज का बहुत सा खुला हिस्सा उसको दीखने लगा और वो उसको चूमने लगा उस ने मुझे चूमते हुए घुमाया
जिस से मेरे पीठ उसके सामने हो गया और वो मेरी चुची को ज़ोर ज़ोर से मसालने लगा और उसका लंड मेरे चूतर से रगर खा रहा था तब मैं अपना हाथ पीछे कर के उसके लंड को पाकर ली और मैं भी उसके लंड को मसालने लगी और वो मेरे चुची को मसल भी रहा था
और और पीछे से मेरे गर्दन को चूम रहा था कुछ देर मेरी चुची को दबाने के बाद मेरी गर्दन को चूमते हुए वो अपना हाथ नीचे लाया और मेरे पेट को सहलाते हुए मेरी नाभी मे अपनी उंगली डाल कर घूमने लगा फिर हाथ को थोरा और नीचे लाया और मेरी पेटीकोट के अंदर डालने के कोसिस करने लगा
लेकिन नारा इतना टाइट था की जानही पाया फिर उस ने मुझे अपनी ओर घुमाया और मेरी सड़ी खोलने लगा


तो मैंसड़ी खोल के हटा दी तो फिर उस ने मेरे होठ पर हल्का किस कीया और थोरा किस करते हुए मेरे चुची पे किस करते हुए बेड पर बैठा और मुझे अपनी जाँघो पर इसे बैठाया के मेरे चुची उसकी मुह के पास थी तो फिर वो मेरी चुची को दबाने लगा और फिर मेरे बालौज का एक हुक कॉल दीया जिस से उसको मेरी आधखुली चुची देखने लगी
उसको चूमते हुए मुझे देखा तो मैं भी अपने एक हाथ से अपनी बालौज को थोरा खिसका दी जिस से उसको थोरे और चुची देखने लगी और वो उसको चाटने लगा फिर कुछ देर चाटने के बाद मेरे पेट पर किस करने लगा
फिर मैं अपने एक हाथ से अपने बालौज का हुउक् खोल रही थी और वो मेरे पेटएकोट का नारा खोल रहा था और उस ने मेरे पेटीकोट का नारा खोल दीया लेकिन आब तक मुझ से अपने बालौज का हुक नही खुल पा रहा था तो मैं खरी हो गयी और उस ने मेरे पेटीकोट को नीचे कर दीया
तो उसको मेरे लाल पैंटी दीखने लगी तो उस ने मेरे चूतर पर किस्स कीया और अपनी अंगूठे से मेरी चूत को पैंटी के उपर से ही सहलाने लगा और तब तक मैं अपने बालौज के बटन खोल चुकी थी और मेरी लाल ब्रा देखने लगे उसको तो वो मुझ से
चीपाकने लगा तो मैं उसको थोरा पीछे ध्का दी और पीछे मूर गयी तो वो मेरी बालौज को नीकाल दीया और मेरी चुची को मसालने लगा और उसका लंड मेरी गॅंड की दरारओ पे महसूस हो रहा था की तभी मेरे मोबाइल पे एक फोन आया तो मैं गयी
और मोबाइल ऑफ कर दी लेकिन जब तक मैं मोबाइल ऑफ कर रही थी तब तक वो अपने लंड को खुद से हीला रहा था तो मैं उसकी ओर आ गयी आते ही उस ने मेरी कमर को पाकर कर आपने ओर खीच कर थोरा उठाया जिस से उसका लंड मेरे दोनो टॅंगो के बीच मे आ गया और उपर मुझे किस करने लगा


और नीचे अपने दोनो हाथो से मेरी चूतर को मसालने लगा कुछ देर मसालने के बाद वो मेरी चूतर पकर रहा था फिर छोर रहा था फिर उस ने मेरी चूतर पर एक बार ज़ोर से मारा चटाकााआआआआआआआआआआआ
फिर मेरी दोनो चूतर के बीच मे अपनी उंगली डाल के मेरी पैंटी को मेरी चूतर के बीच मे और घुसा दीया और फिर मेरी चूत को हल्का सा दबाया तो मैं थोरा पीछे हो गयी और उसको बेड पर डकेल
कर गीरा दी और मैं नीचे बैठ कर उसके लंड को अपने मूह मे ले कर चूमने लगी तो वो तोरा साइड हुआ और मैं भी बेड पर चढ़ गयी और उसके दोनो टॅंगो के बीच मे जा कर उसके लंड के नीचे के दो
आंड़े को चाटने लगी पहले एक आंडा को मूह मे ली चाट के फिर दूसरी फिर उसके लंड को साइड से चाटने लगी फिर उसके पूरे लंड को अपने मूह मे ले ली और चाटने लगी फिर लंड को बाहर नीकाल कर
उस पर थूक गीरा कर फिर चाटने लगी और वो मेरे सिर के बॉल को साइड कर रहा था

फिर मैं उसका पूरा लंड अंदर ले ली और ज़ोर ज़ोर से चूसने लगी फिर थोरी देर चूसने के बाद वो उठा और मुझे किस्स करने लगा और अपने हाथो से मेरी चुची को सहलाने लगा फिर ब्रा के उपर से धीख
रही चुची पर किस्स करने लगा और उसके हाथ मेरी चूत को सहला रहे थे फिर उस ने ब्रा के उपर से ही मेरी टाइट हो चुकी निप्पल को अपने होठ से दबाने लगा और मेरी चुची को ब्रा के उपर से बाहर नीकालने की कोसिस करने लगा
लेकिन ब्रा इतनी टाइट थी की नीकाल नही पा रही थी तो उस ने मेरी ब्रा को खोल दीया और ब्रा के खुलते ही मेरी बंद पारी चुची आज़ाद हो गयी और वो मेरी चुची को सहलने लगा और मेरी निप्पल को अपने दोनो उंगली के बीच दबाने लगा फिर वो मेरी चुची को ज़ोर ज़ोर से मसालने लगा
फिर कुछ देर ऐसा करने के बाद वो नीचे बैठ गया और मेरी चुची को अपने मूह मे ले कर चूसने लगा फिर मैं लेट गयी और वो मेरे दोनो टॅंगो के बीच मे आ कर मेरी पैंटी को हल्का साइड कर के मेरी चूत को चाटने लगा कुछ देर चाटने के बाद वो मेरी पैंटी को भी खोल दीया और आब मैं बिल्कुल नंगी हो गयी और वो मेरी चूत को चाते जा रहा था

आब उस ने आपने जीभ को मेरी चूत के अंदर डालने लगा फिर नीकालने लगा और मेरी मूह से आआआआआहहाआआआआ की आबाज नीकाल रही थी तो मैने ने अपनी चुची को पकर कर दबाने लगी और वो अपनी मस्ती मे मेरी चूत मे अपनी जीभ के साथ खीलबर कीए जा रहा था
तो मैं भी उठ गयी और उसके सिर पर हाथ फेरने लगी कुछ देर ऐसा करने के बाद

वो नीचे पेट के बाल लेट गया और मैं उसके लंड के उपर आ कर बैठ गयी और लेकिन उसका लंड फिसल कर मेरी दोनो चूतर के बीच मे चला गया एक दो बार ऐसा होने के बाद उस ने अपने लंड को पाकर कर मेरी चूत की छेद के पास लाया और मैं उस पर बैठ गयी
जिस से उसका लंड मेरी चूत मे चला गया तो फिर उस ने मेरी कमर को पकर के आयेज-पीछे करने लगा तो मैं भी उपर नीचे होने लगी तो वो भी नीचे से अपनी कमर उठा-उठा कर मुझे चोद रहा था कुछ देर ऐसा करने के बाद वो फिर मुझे किस कीया और फिर मैं
उपर नीचे हो हो के चूदबाने लगी फिर उस ने अपना हाथ मेरी चुची पर ला कर उसको मसालने लगा और नीचे कमर उठा-उठा कर चोद रहा था कुछ देर ऐसे चोद्ने के बाद फिर मैं पीठ के बाल लेट गयी और वो मेरी दोनो टॅंगो के बीच मे आ गया और अपने लंड को
मेरी चूत मे डाल कर चोद्ने लगा और मैने भी अपनी टॅंगो से उसको लपेट कर उसकी पीठ पर हाथ फेरने लगा और धीरे-धीरे उसके झटके तेज होने लगे और मेरे मूह से आआअहहाआआआअ उूुुुुुुआााआहह के अबाज आने लगी और जब वो गेर्ने बाला था तो
उसने अपना लंड को बाहर नीकाल के मेरी चुची पर गीरा डेया तब तक मैं भी झार चुकी थी और वो बगल मे लेट गया

फिर कुछ देर बाद वो उठा और हम लोगो ने फिर से एक राउंड चुदाई की
फिर अगले दिन दीदी की शादी थी उस शादी मे मैं दीदी के देबर से भी चुदी इसके बारे मे मैं आप को अपनी अगली कहानी मे लीखुगी

अगर आपको मेरी कहानी पसंद आई हो तो मुझे जरूर मेल करना और मुझसे कुछ पूछना हो तो भी मेल करना ! मुझे आपकी मेल का इन्तजार है । अगर मुझे आप लोगो का प्यार ऐसा ही मील्ता रहे गा तो आब तक मैं 15 लोगो से चुदी हू सब के बारे मे
पूरी स्टोरी के रूप मे थोरा मसाला डाल के आप के सामने पेस करूँ गी
आपकी बड़ी चुची बाली रूचि या चुदक्कड या जो भी समझे.....................

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