ऑफीस मे भाभी की चुदाई - Antarvasna.Us
AntarVasna.Us
Free Hindi Sex stories
Only for 18+ Readers

ऑफीस मे भाभी की चुदाई

» Antarvasna » Bhabhi Sex Stories » ऑफीस मे भाभी की चुदाई

Added : 2017-01-25 00:45:52
Views : 4226
» Download as PDF (Read Offline)
Share with friends via sms or email

You are Reading This Story At antarvasna.us
अपनी कहानिया भेजे antarvasna.us@gmail.com पर ओर पैसे क्माए

हे दोस्तो, मैं नील पुणे से एकबार फिरसे आया हूँ मेरा एक और अनुभव आपलोगोंसे बाटने के लिए.

नामिता जानेके बाद बहुत दिन मुझे मेरी प्यास को मारना पड़ा था, मैं मेरे पुरानी कंपनी मे बहुत दिन से काम कर रहा था पर बढ़ती हुई महँगाई के साथ मेरी सलारी नही बढ़ी तो मैने वो जॉब चेंज करने की सोची और नए जॉब सर्च मे लग गया. बात ऐसी हुई की एक जगह मैं इंटरव्यू के लिए गया था वहाँ एक लड़की भी आई थी, सलवार कमीज़ मे अपने पूरे बदन को ढके हुए डरी हुइसि बैठी मैं उसे देखते बैठा था, पर उससे बात करनेकी हिमà
मत नही हुई.

वहाँ पे बहुतसरे लोग आए थे, जब मेरा नंबर आया तो मैं अंदर जाने के लिए उठा तो उसने ऑल दी बेस्ट कहा, मैने हँसके थॅंक्स बोला. जब अंदर गया और पेमेंट इश्यू पर मैने मना कर दिया और उठाके चला आया. वो लड़की वाहनपे नही थी, मुझे लगा शायद चली गयी होगी. मैं बाहर आके एक सिगरेट मारकर मेरी बाइक निकाली तो वो पंक्चर थी, मैं धक्का मरके उसे धकेलते लेके जा रहा था. पंक्चर वाला बस स्टॅंड के बजुमेहि था, कुछ देर बाद
वो लड़की चलते चलते बस स्टॅंड पे आ गयी. मुझे वो देख रही थी पर बात नहीं कर पा रही थी. तो मैनेह्ी बात करने के लिए उसके पास गया.

"कैसा रहा इंटरव्यू?"

वो बोली "ठीक था, फोन करेंगे बोला है."

"तो तुम अब दूसरी जगह भी जाओ इंटरव्यू के लिए"

"नहीं इन्होने बोला हे की ये फोन करेंगे." उसने थोड़ा गुस्से से कहा.

तब मुझे पता चला की ये पुणे से नहीं है कहीं बाहर की है और पहला ही जॉब ढूंड रही हैं.

मैने पुंछ ही लिया " कहाँ से हो"

उसने बोला की " मैं नागपुर से हूँ, और ग्रॅजुयेशन के बाद पुणे मे आई हूँ, यहाँ पे मेरे अंकल रहते हैं."

उसने जो एरिया बताया वो मेरे घर से ६ किलोमेटेर दूर था. तो मैने उसे पुणे के बारे मे और यहाँ के इंटरव्यू के बारे मे सब बता दिया. तो वो थॅंक्स कहके बस से चली गयी और मैं उसको भूल गया.

फिर मेरा जॉब सिटी मे लगा आडमिन मानेजेर करके.

तकरीबन दो हफ्ते बाद वही लड़की हमारे ऑफीस मे आई इंटरव्यू के लिए. जब उसका नंबर आया और उसने मुझे देखा तो वो थोड़ा शॉक हो गयी.

"आप यहाँ?"

मैने कहाँ "हाँ, अभीतक नोकरि नही मिली?"

फिर मैने उसका इंटरव्यू लिया , और उसके बारे में बहुत कुछ जान लिया. वो बहुत ही आक्टिव लड़की थी, मैं उसके तरफ़ खींचा चला जा रहा था.

हम हमेशा साथ में रहने लगे और घूमने लगे, ऑफीस मे इस के बारे मे बातें होने लगी पर मैं सिनिओर होनेके कारण मुझे कोई बोल नहीं रहा था.

जब भी मैं उसे टच करता उसका चेहरा एकदम से फूल जाता था, मुझे ये सब बाते समझ मे आने लगी, तब मैने फ़ैसला किया के अब इसके साथ मुझे आगे बढ़ना चाहिए. तो मैने उसे डिन्नर के लए इन्वाइट किया. हम अच्छे से होटेल मे खाना खा रहे थे तब मैने पूछा

"नीता, तुम्हारा कोई बाय्फ्रेंड नही है?"

वो एकदम से डर गयी, फिर उसने मुझे उसकी पूरी कहानी बता दी जिसमे उसेको उसके बाय्फ्रेंड ने कैसे धोका दिया. मैने सोचा की चलो काम आसनिसे हो जाएगा. तो मैने उसका हाथ मेरे हाथ मे लेके बोला "यार, होता है कभी कभी हम धोका खा जाते है." और मैने उसका हाथ थोडसा दबाया.

रात को मैने उसे एक मेसेज भेजा की 'तुम्हारी वजह से मुझे नींद नही आ रही हैं'

दूसरे दिन जब हम ऑफीस से आ रहे थे तब उसने मुझे मेरे रात वाले मेसेज के बारे में पूछा तो मैने सीधा बोल दिया की 'में रात को तुम्हारे साथ सोना चाहता हूँ.?' तो वो बिना कुछ बोले चली गयी.

रात को २ बजे उसका मिस कॉल आया तो मैने उसे फोन किया.

"क्या हुआ"

"मुझे कुछ हो रहा हैं"

"क्या हो रहा है?"

"पता नहीं, पर तुम्हारी याद आ रही है. तुम्हारे पास आने को जी कर रहा हैं और..........."

" और क्या?"

"और कुछ नही"

मैने बहुत ही प्यार से पुंच्छा " और क्या?"

जो उसने बोला वो सुनके मेरे होश उड़ गये, उसने पुंच्छा "क्या तुम मुझसे मस्ती कर सकते हो?"

"मतलब?" मैने नासमझ होके पुंछ लिया.

"मुझे मस्ती करनी है अडल्ट वाली मस्ती"

मैने उसे ओके बोला और आगे की बात समझयि.

अगले दिन मैने उसे छुट्टी दी और मेरे रूम पे आराम करने को बोला और में ऑफीस चला गया. मुझे पता था की अगर हम दोनो एकदम छुट्टी लेंगे तो ऑफीस मे सबलॉग सोच में पद जाएँगे.

दोपहरको मैं घर पर उड़ते उड़ते ही पहुँच गया. अंदर जातेही मैने उसे दबोच लिया और उसके पूरे शरीर पर किस करने लग गया. वोभी सेक्स के लिए तड़प रही थी कुछ बोलने वाली थी तो मैने उसे रोका और बोला " अब कुछ मत बोलो"

मैं उसे एक भूके शेर की तरह चाट रहा था और उसके मुँह से सिर्फ़ सिसकारिया निकल रहीं थी. मैने उसके पूरे कपड़े उतार दिए और खुद भी नंगा हो गया, मैं उसको नंगो देख के ही पागल होते जा रहा था और मेरा शेर अपने ओरिजिनल शेप मे आ गया था.

उसकी कोमल मम्मे देखकर मैने मेरा मूह घुसेड ही दिया, मैं उसके निप्पल को मूह मे लेकर चूसने लगा और दूसरा हाथ मे लेकर मसालने लगा. उसके हाथ मेरे शरीर पर ऐसे घूम रहे थे की मानो किसी को बहुत दीनो के बाद खाना नसीब हुआ हो. हम दोनो भी बहुत दीनो से प्यासे थे और एकदुसरे पे टूट पड़े थे.

मैने उसे बेड पर लिटाया और उसकी चिकनी चूत को हाथों से सहलाने लगा, वो बहुत ही गर्म हो गयी थी और उसके मुँह से सिर्फ़ सिसकारिया निकल रहीं थी, उूुुुउउ आआआआअ ईईईईईईईईईईई करके वो मेरे जोश को और ही बड़ा रही थी. मैं बिना सोचे उसके चूत पर अपने जीभ से धावा बोल दिया और खुशी के दर्द के मारे नीता उछालने और चिल्लाने लगी. चाट चाट के मैंने उसका नमकीला पानी निकाल दिया. जब मैने उसको ६९ मे आने को कहा और मेà
लंड उसके हाथ मे दिया तो वो एकदम सिहर सी गयी और मेरा लंड अपने मुँह मे लेका मज़े से चूसने लगी. ऐसा लग रहा था की साली पूरा का पूरा खा जाएगी.

करीब १५ मिनूट की चुम्मा चाती के बाद मुझसे रहा नहीं जा रहा था तो मैने उसे सीधा बेड पे लिटाया और उसके होठों पे होंठ रख दिए. उसे पता था क्या करना हैं, उसने एक हाथ से मेरे लंड को पकड़ के अपने चूत के मुँह पर र्ख दिया और आँखो से इशारा किया. मैने उसे कासके पकड़ा और ज़ोर से धक्का लगाया आधा लंड छूट के अंदर गया और इसकी आँख के पानी बाहर आ गया. मैने पहलेहि उसका मुँह बंद करके रखा था. सो वो चिल्ला नही पा

थोड़ी देर रुक कर मैने उसको पुंछ "दर्द हुआ क्या?"

"बहुत डिनोसे तड़प रहीं हूँ, जाने कितने महीनो बाद मेरी चूत मे लंड घुसा हैं, मत रूको फाड़ दो मेरी चूत को, भोसड़ा बना दो इसका"

मैं कहाँ रुकनेवाला था मैने भी मेरा मशीन स्टार्ट किया और ज़ोर ज़ोर से आगे पीछे करने लगा, उसने आँखे बंद करली ओर उसके मुँह से सिर्फ़ सिसकारिया निकल रहीं थी, बड़बड़ा रही थी " और ज़ोर से, आआआआऐययईईईईईईईउउुुुुुुुउउ उफ़ मार दे ज़ोर से थोक दे रे और ज़ोर से" उसके बड़बड़ाने से मैं और भी जोश मे आ रहा था,

२० मिनट हमारी पेलमपली चली और वो एक बड़ी चींख के साथ खाली हो गयी. मैं अभी भी घाव मरते जा रहा था, तो मैने उसको पुंछ "मेरा आने वाला हैं कहा निकालु?"

"अंदर ही छोड़ दे, पूरी तरहसे चूड़ना चाहती हू मैं"

मैने मेरा स्पीड और बढ़ाया. १५-२० ज़ोर के धक्के लगाने के बाद मैने मेरा सूपर शॉट लगाया और उसकी आँखो मे फिरसे आँसू आ गये. अब उसके चेहरे पे खुशी झलक रही थी. अगले २० मिनट हम वैसे ही पड़े रहे तब वो बोली

"बहुत दीनो बाद चूड़ी हूँ., तुम्हे मज़ा तो आया ना"

मैने उसे एक प्यारासा किस करते हुए बोला " बहुत मज़ा आया, अब ये रोज जब चाहे चलेगा"

फिर हम उठाके मोवी देखने चले गये, हमने बहुत दिन तक एंजाय किया पर किसी बंधन मे न बंधने की कसम खा ली, हम सिर्फ़ मज़े के लए एकदुसरे का साथ देने लगे,

कुछ दीनो बाद मेरा ट्रान्स्फर ऑर्डर आया तो मैने वो कोम्पनी छोड़ दी क्योंकि मैं पुणे छोड़के कहीं बाहर जाना नहीं चाहता.

मैं आप लोगोंके ई मेल का इंतजार करूँगा, आप बताइए मुझे, की आपको मेरी ये कहानी कैसी लगी.

neilstag@ymail.com

a मैं बहुत अकेला हूँ, मूज़े मैल करे या मूज़े कॉल करे ओं 8623072136
मुझे आप लोगोंके ई मेल का इंतजार रहेगा.

» Back
2016 © Antarvasna.Us
Kamukta, Hindi Sex Stories, Indian Sex Stories, Hindi Sex Kahani, Desi Chudai Kahani, Free Sexy Adult Story, New Hindi Sex Story