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ऑफीस की भाभी को चोधा

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Added : 2017-02-23 01:52:26
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हेलो दोस्तो, मैं नील पुणे से एक बार फिर हाजिर हूँ मेरी एक और अनोखी फ्रेंड के साथ, पहले तो मैं आप सब से नाराज़ हूँ की आप लोगोने मूज़े रिप्लाइ नही किया| कोई बात नही ये कहानी पड़कर आप ज़रूर मूज़े मैल करेंगे और जिस किसे भी एंजाय करना है वो डाइरेक्ट्ली मूज़े मैल कर सकते है इस पर neilstag@ymail.com या कॉल कर सकते है 8623072136 पे अन्य टाइम|

तो दोस्तो अब कहानी पे आता हूँ………
ये बात 5 साल पुरानी है जब मेरा मेरी गर्लफ्रेंड के साथ ब्रेकप हुआ था, मैं उसे बहुत प्यार करता था और अब भी करता हूँ, मैं हमेशा काम के बाद दारू पिता रहता था| देर रात तक दारू पीके पड़ा रहता था| और रोज़ सुबह ऑफीस जाने के लिए लेट होता था| उसी बीच हमारे यहाँ पे न्यू रेक्रूटमेंट हुई और 5 नये मेंबर्ज़ हमारे ऑफीस मैं आ गये| मैं तो इन सबसे दूर था की मैने पहले ही मेरे बॉस को बोल दिया था|

एक हप्ते बाद मूज़े और मेरी टीम को एक असाइनमेंट दिया गया जिसमे डेली रिपोर्ट मे मदद के लिए मूज़े एक असिस्टेंट के तौर पे एक औरत को नियुक्त किया गया| जब मैं उससे मिला तो मूज़े वो एटानी खास नही लगी पर जब उसने उसका नाम बताया तो मैं थोडा मायूस हो गया| जिस नाम को मैं भूलने की कोशिस करता था उसका नाम भी वही था, उसने उसका नाम मनीषा(बदला हुआ) बताया| थोडा उसके बारे मैं बताता हूँ वो 32 वर्ष की मॅरीड थी उसको एक लड़की थी रंग से थोड़ी साँवली और हाइट 5’7” थी| उसके बूब्स ज़्यादा बड़े नही थे पर उसका साइज़ तकरीबन 32-24-34 था|
जब हम काम मे व्यस्त रहते थे तो सिर्फ़ काम ही करते रहते थे| कभी कभी हमे रत को लाते भी होता था तभी उसने कभी कुछ नही बोला| हमारा काम लगभाड़ 80% हो चुका था और उस दिन हमे रात के 11 बजे थे, उस दिन मैने उसको पूछा ‘मनीषा तुम कहाँ रहती हो?’

मनीषा ‘ सर यहाँ से 12 किलो मीटर दूर रहती हूँ’
मैं ‘तो आज घर कैसे जाओगी? रात बहुत हो चुकी है और काम की वजह से टाइम पे ध्यान ही नही गया’
मनीषा- देखूँगी सर, कुछ ना कुछ तो मिल ही जाएगा या ऑटो ले लूँगी.
मैं – देखो एक काम करो, अब ये सब ऐसे ही रख दो मैं तुम्हे घर छोड देता हूँ, पर तुम्हारे पति को कोई ऐतराज़ तो नही होगा ना?
मनीषा – नही सर, ऐसा कुछ नही मेरे पति यहाँ पर नही रहते, वो दुबई मे काम करते है ओर सिर्फ़ दीवाली मे ही आते है|
इसी से मुझे ल्गा इसका पति बाहर रहता है इसको लंड की तो ज़रूरत पड़ती होगी|
मैं- ओक तो घर मे कॉन कॉन हैं|
मनीषा – मेरी मा और मेरी बेटी, मैं मेरी मा को बोल देती हूँ की आप मूज़े छोड़ने के लिए आ रहे है करके|
मैं – ओक|

जब मैं उसे छोड़ने जा रहा था तो वो मूज़े चिपक के बैठी थी| उसके बूब्स मेरी पीठ पे रगड़ रहे थे, जब हम उसके घर पहुँचे तो उसने मूज़े बताया की उसकी मा ने हमारे लिए खाना बनाया है| मुझे भी तो भूक लगी थी| पर मैने उसको मना किया पर वो नही मानी| मैं भी अंदर चला गया, खाने की खुश्बू तो बहुत अच्छी आराही थी| हम लोग खाना खाने बैठ गये तो उसने पूछा की मैं मना क्यों कर रहा था, तो मैने उसको मेरी लाइफ और गर्लफ्रेंड के बारे मे बताया| उसको भी थोड़ा बुरा लगा, अब हम दोनो एक दूसरे के बारे मैं बहुत कुछ जान चुके थे| लौटते समय मैने सोचा की अभी दीवाली को 6 महीने बाकी है इसका मतलब पिछले 5 महीनो से मनीषा चुधी नही है तो मेरे लॅंड महाराज ने उसके लिए सलामी देना शुरू कर दिया|
अब मैं हमेशा मनीषा को अपने साथ रखता था| वो भी अब मुज़ासे बहुत खुल गयी थी, अब हम लोग पर्सनल बाते भी शेर करने लगे थे, साथ मे शॉपिंग भी करते थे| मेरा असाइनमेंट सक्सेस्फुली कंप्लीट हो गया और मेरा बॉस भी हमसे बहुत खुश हो गया| एक दिन बॉस ने मेरी टीम के सक्सेस के लिए पूरे ऑफीस को पार्टी दी, उस दिन मनीषा सारी पहन के आई थी और मुज़पे कयामत गिर गयी| मैं उसको देखता ही रह गया, उस रात मैने भी थोड़ी शराब पी ली और उसके साथ बातें करने लगा, आज वो बहुत खुश दिख रही थी, रत को तकरीबन 12:30 बजे हमने पार्टी फिनिश करने का फ़ैसला लिया और हम लोग वाहँसे निकल आए|
रात बहुत हो चुकी थी और मनीष का घर बहुत दूर था तो मैने मनीष को बोला की अगर कोई प्राब्लम ना हो तो मेरे रूम पे चलो सुबह निकल जाना, उसने थोड़ी देर सोचनेके बाद मा को फोन करके बता दिया की वो कल दोपहर को घर आएगी| मैं बहुत खुश हो गया था लेकिन उसे चोधने का ख़याल मेरे दिल मैं नही था|

जब हम रूम पे पहुँच गये तो मेरा रूम धेखके वो परेशन होई, सब बिखरा पड़ा था दारू की बोटल्स, सिग्ग्रेतत् की पॅकेट्स, कपड़े इधर उधर बिखरे हुए थे, मैने उसे सॉरी बोला और उसको बैठने के लिए जगह बनाई, रात का 1 बज चुके था, मैने अंदर से मेरे गर्लफ्रेंड का नाइट सूट जो मूज़े बेहद पसंद था मैने उसको दे दिया,
मनीषा – सर आपकी चाय्स तो बहुत अच्छी हैं
मैने – थॅंक्स. जाओ चेंज करो,
वो| ओर मेरा लोड्‍ा एक दम रॉकेट की तरह बाहर आने को तेयार था अंदर जाके चेंज करके आगयि तो मैं उसे देखता ही रह गया, मैं तो जैसे होश ही खो बैठ था, मेरे पैंट मे तो तंबू बन गया था उसने दो बार मूज़े आवाज़ दी तो मैं होश मैं आगेया शायद उसने मेरा तंबू देख लिया था, वो मेरे बगल मे आके बैठ गयी, उसका हाथ मेरे जांघों को स्पर्श कर रहा था, मेरा पूरा ध्यान उसके बूब्स पर था, हम इधर उधर की बातें करने लगे पर मेरी नज़ारे हमेश उसके बूब्स पर टिकी रहती| आख़िर मे उसने मूज़े पुंछ ही लिया|
मनीषा – क्या हुआ सर, कहाँ ध्यान हैं?
मैं – कुछ नहीं यार मैं तो बस………
मनीषा – मैं सब जानती हूँ की आप क्या सोच रहे हैं?
मैं – क्या? क्या बोल रही हो तुम.
मनीषा – वोही जो आपकी नज़ारे बता रही है, मेरा भी मॅन यही चाहता है पेर कैसे काहु ये समझ नही आ रहा, मैं भी 6 महीनो से मनीषा – वाओ सर मैने सोचा भी नही था की आप इतने आचे से किस करेंगे|
मैने वापस उसके होंठो पे हॉट रख दिए और मेरे हाथ उसके बूब्स पे रख दिए तो मैने पाया की उसने अंदर कुछ नही पहना,
मैं – तू तो पूरी तैयारी से आई है क्या?
मनीषा – हन सिर, ये चूत की खुजली रात भर सोने नहीं देती, इसकी प्यास बहुत सताती हैं, मूज़े पता हैं की आपको भी इसकी बहुत ज़रूरत हैं|
मैं – तो आज तेरी पूरी खुजली मिटा दूँगा, मेरे लॅंड के लिए तू पागल हो जाएगी,
मनीषा – मैं तो बहुत खुश हो जूँगी
मैने उसके बदन से नाइट सूट निकाल फेंका तो वो मेरे सामने पूरी नंगी खड़ी थी, उसका बदन मूज़े और मदहोश कर रहा था|
मैने झॅट्क से उसे मेरी और खींचा और उसके बदन को चूमने लगा
मनीषा – अहहा आ सर थोड़ा प्यार से सीीीससीसी असईईई
आ आ आह
मैने उसके बूब्स को मूह मे लिया और चूसने लगा उसके मूह से सिर्फ़ सिसकारिया निकल रही थी|
मैं – आज मैं तेरी चूत को बिना चोधे ही पानी निकाल लूँगा
मनीषा - जो करना है करो सर अब मैं पूरी तरह से आपकी हूँ| मैने उसे सोफे पर बिठाया और पैरों को फैलाकर उसकी चूत को चाटने लगा,
मनीषा – आ आ सिर, मेरे शरीर मैं करेंट दौड़ रहा है सिर्र्र्र्र्र्र्र्र्ररर
मैं – आज तू पूरी तरह से संतुष्ट हो जाएगी, आज तुज़े इतना मज़ा दूँगा की तू कभी भूल नही पाएगी|
मनीषा – आस्स्स्स्स्स्सस्स आ आ सिर्र्र्र्र्र्र्ररर बहुत कुछ हो रहा है आजतक मेरे पति ने ऐसा कभी नही किया,
मैं - आज तेरे साथ बहुत कुछ नया करूँगा
मैं उसकी चूत को कुत्ते जैसा चाट रहा था 10 मीं चाटने के बाद उसने अपने पैरों को खींच लिया और बहुत सारा पानी मेरे मूह के उपर एक चींख के साथ छोड़ दिया| वो थर थर कँपने लगी थी| फिर मैं उसे सहलाने लगा और उसका हाथ मेरे लॅंड पे रख दिया, थोड़ी देर मे वो नॉर्मल हो गयी और उसको समझ मे आ गया की आगे क्या करना है, वो मेरे लंड को आगे पीछे करने लगी, मैने उसको मूह मे लेने को कहा पर वो नही मानी मैने भी ज़बरदस्ती नही की,
मैने उसको सोफे पे लिटाया और पैरों को फैला दिया,
मनीषा – सर ज़रा आराम से बहुत दिन हो गये इसने लंड नही लिया
उसके डाइरेक्ट बाते करने से मैं और जोश मैं आ गया और बहुत सारा थुक मैने मेरे लंड पे लगाया और उसकी चूत पे रख दिया और रगड़ने लगा वो तड़पने लगी और उसको अंदर लेनेकी कोशिश करने लगी|
मनीषा – डालो ना सर जल्दिसे, तन मे आग आग सी लगी हैं, मत तड़पाव डाल भी दो
फिर मैने देर ना करते हुए एक झटका मारा, उसकी मूह से आ निकल गयी मेरा "2” इंच लंड उसकी चूत मे जा चुका था उसकी चूत बहुत ही टाइट थी मैने और एक जोरदार झटका मारा तो मेरा लंड उसकी छूट की दीवारोन्को चीरता हुआ अंदर तक घुस गया| उसकी आँखो से पानी आने लगा| मैं थोड़ा रुक गया उसके नॉर्मल होने के बाद वापस मैने मेरे लंड को आगे पीछे करने लगा|
मनीषा – अहह सीईइइर्र्र्र्र्र्र्र्ररर आअहह और ज़ोर से करो सस्स्स्स्स्स्स्स्सिईईईईईईईईईईईईइइर्र्र्र्र्र्र्र्ररर, और ज़ोर से करो ,फाड़ दो मेरी चूत को आज, मिटा दो इसकी पूरी खुजली, छोड़ छोड़ के भोसड़ा बना दो इसका आज.
उसके ऐसे चिल्लाने से मुझे और भी जोश चड़ने लगा और मैं उसे ज़ोर ज़ोर से चोधने लगा, 15 मीं की घमासान चुदाई के बाद मेरा निकले वाला था अबतक उसने 2 बार पानी छोड़ दिया था तो मैने पूछा
मैं – मनीषा मेरा निकले वाला है, कहाँ छोड़ू?
मनीषा – इस चूत को अपने पानी से भिगो दो सिर, बहुत दिन हो गये ये प्यासी है आज इसकी प्यास भुजा दो,
मैने मेरे झटके और तेज कर दिए और उसकी चूत मे ही पानी छोड़ दिया, 5 मीं तक हम ऐसेही पड़े रहे, आज उसकी चेहरे की हसी कुछ अलग ही दिख रही थी| उसके बाद रातभर हमने 3 बार और चुदाई की और जब भी हमे मौका मिलता हम एक दूसरे की प्यास बुजाते थे, पिछले 3 सालोंसे वो अपने पति क पास दुबई मे है और बहुत खुश है|
दोस्तो मैं आपके मेल्स का वेट करूँगा मूज़े ज़रूर बताना की मेरी कहानी आपको कैसी लगी, और किसी भी पुणे मे रहने वाली आंटी, भाबी या गर्ल्स को मज़े करने है तो ज़रूर मूज़े कॉल करे इस नंबर पर 8623072136भूकी हूँ…
मैने सिर्फ़ उतना ही सुना और उसके उपर टूट पड़ा, मेने मेरे होंठ उसके हॉटोपे चिपका दिए और तकरीबन 7 मीं हमारा किस चलता रहा|

मनीषा – वाओ सर मैने सोचा भी नही था की आप इतने आचे से किस करेंगे|
मैने वापस उसके होंठो पे हॉट रख दिए और मेरे हाथ उसके बूब्स पे रख दिए तो मैने पाया की उसने अंदर कुछ नही पहना,
मैं – तू तो पूरी तैयारी से आई है क्या?
मनीषा – हन सिर, ये चूत की खुजली रात भर सोने नहीं देती, इसकी प्यास बहुत सताती हैं, मूज़े पता हैं की आपको भी इसकी बहुत ज़रूरत हैं|
मैं – तो आज तेरी पूरी खुजली मिटा दूँगा, मेरे लॅंड के लिए तू पागल हो जाएगी,
मनीषा – मैं तो बहुत खुश हो जूँगी
मैने उसके बदन से नाइट सूट निकाल फेंका तो वो मेरे सामने पूरी नंगी खड़ी थी, उसका बदन मूज़े और मदहोश कर रहा था|
मैने झॅट्क से उसे मेरी और खींचा और उसके बदन को चूमने लगा
मनीषा – अहहा आ सर थोड़ा प्यार से सीीीससीसी असईईई
आ आ आह
मैने उसके बूब्स को मूह मे लिया और चूसने लगा उसके मूह से सिर्फ़ सिसकारिया निकल रही थी|
मैं – आज मैं तेरी चूत को बिना चोधे ही पानी निकाल लूँगा
मनीषा - जो करना है करो सर अब मैं पूरी तरह से आपकी हूँ| मैने उसे सोफे पर बिठाया और पैरों को फैलाकर उसकी चूत को चाटने लगा,
मनीषा – आ आ सिर, मेरे शरीर मैं करेंट दौड़ रहा है सिर्र्र्र्र्र्र्र्र्ररर
मैं – आज तू पूरी तरह से संतुष्ट हो जाएगी, आज तुज़े इतना मज़ा दूँगा की तू कभी भूल नही पाएगी|
मनीषा – आस्स्स्स्स्स्सस्स आ आ सिर्र्र्र्र्र्र्ररर बहुत कुछ हो रहा है आजतक मेरे पति ने ऐसा कभी नही किया,
मैं - आज तेरे साथ बहुत कुछ नया करूँगा
मैं उसकी चूत को कुत्ते जैसा चाट रहा था 10 मीं चाटने के बाद उसने अपने पैरों को खींच लिया और बहुत सारा पानी मेरे मूह के उपर एक चींख के साथ छोड़ दिया| वो थर थर कँपने लगी थी| फिर मैं उसे सहलाने लगा और उसका हाथ मेरे लॅंड पे रख दिया, थोड़ी देर मे वो नॉर्मल हो गयी और उसको समझ मे आ गया की आगे क्या करना है, वो मेरे लंड को आगे पीछे करने लगी, मैने उसको मूह मे लेने को कहा पर वो नही मानी मैने भी ज़बरदस्ती नही की,
मैने उसको सोफे पे लिटाया और पैरों को फैला दिया,
मनीषा – सर ज़रा आराम से बहुत दिन हो गये इसने लंड नही लिया
उसके डाइरेक्ट बाते करने से मैं और जोश मैं आ गया और बहुत सारा थुक मैने मेरे लंड पे लगाया और उसकी चूत पे रख दिया और रगड़ने लगा वो तड़पने लगी और उसको अंदर लेनेकी कोशिश करने लगी|
मनीषा – डालो ना सर जल्दिसे, तन मे आग आग सी लगी हैं, मत तड़पाव डाल भी दो
फिर मैने देर ना करते हुए एक झटका मारा, उसकी मूह से आ निकल गयी मेरा "2” इंच लंड उसकी चूत मे जा चुका था उसकी चूत बहुत ही टाइट थी मैने और एक जोरदार झटका मारा तो मेरा लंड उसकी छूट की दीवारोन्को चीरता हुआ अंदर तक घुस गया| उसकी आँखो से पानी आने लगा| मैं थोड़ा रुक गया उसके नॉर्मल होने के बाद वापस मैने मेरे लंड को आगे पीछे करने लगा|
मनीषा – अहह सीईइइर्र्र्र्र्र्र्र्ररर आअहह और ज़ोर से करो सस्स्स्स्स्स्स्स्सिईईईईईईईईईईईईइइर्र्र्र्र्र्र्र्ररर, और ज़ोर से करो ,फाड़ दो मेरी चूत को आज, मिटा दो इसकी पूरी खुजली, छोड़ छोड़ के भोसड़ा बना दो इसका आज.
उसके ऐसे चिल्लाने से मुझे और भी जोश चड़ने लगा और मैं उसे ज़ोर ज़ोर से चोधने लगा, 15 मीं की घमासान चुदाई के बाद मेरा निकले वाला था अबतक उसने 2 बार पानी छोड़ दिया था तो मैने पूछा
मैं – मनीषा मेरा निकले वाला है, कहाँ छोड़ू?
मनीषा – इस चूत को अपने पानी से भिगो दो सिर, बहुत दिन हो गये ये प्यासी है आज इसकी प्यास भुजा दो,
मैने मेरे झटके और तेज कर दिए और उसकी चूत मे ही पानी छोड़ दिया, 5 मीं तक हम ऐसेही पड़े रहे, आज उसकी चेहरे की हसी कुछ अलग ही दिख रही थी| उसके बाद रातभर हमने 3 बार और चुदाई की और जब भी हमे मौका मिलता हम एक दूसरे की प्यास बुजाते थे, पिछले 3 सालोंसे वो अपने पति क पास दुबई मे है और बहुत खुश है|
दोस्तो मैं आपके मेल्स का वेट करूँगा मूज़े ज़रूर बताना की मेरी कहानी आपको कैसी लगी, और किसी भी पुणे मे रहने वाली आंटी, भाबी या गर्ल्स को मज़े करने है तो ज़रूर मूज़े कॉल करे इस नंबर पर 8623072136

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