AntarVasna.Us
Free Hindi Sex stories
Only for 18+ Readers

मेरी स्कूल फ्रेंड चेतना

» Antarvasna » Girlfriend Sex Stories » मेरी स्कूल फ्रेंड चेतना

Added : 2015-08-12 22:42:13
Views : 5685
» Download as PDF (Read Offline)
Share with friends via sms or email

You are Reading This Story At antarvasna.us

मेरी स्कूल फ्रेंड Sushma (Name Changed) :-


हेलो दोस्तो जैसा की आप जानते है मैं सुशांत पटना से हू |मैं आपको अपनी एक और कहानी बताता हूँ।
उम्मीद है की आप को पसंद आये गी |
बात तब की है जब मैं स्कूल में पढ़ता था | बचपन से ही मुझे सेक्स करने की चाहत थी। जब मैं 8 में गया तो मुठ मारने लगा पर हमेशा किसी की चूत मारने की सोचता था। पर कभी मौका नही मिला फिर अचानक एक दिन मेरी किस्मत ने जोर मारा।
तब मेरे साथ मेरी एक दोस्त थी जिसका नाम Sushma (Name Changed) था वो मेरे घर क पास ही रहती और हम एक साथ स्कूल जाया करते थे। एक बार किसी कारण से मुझे स्कूल जाने में देर हो गई तो Sushma (Name Changed) मेरा इन्तज़ार करते करते मेरे घर आ गई। उस दिन बारिश हो रही थी, वो भीगती हुई आई। उसकी स्कूल ड्रेस भीग चुकी थी उसे देख कर मेरी मम्मी ने कहा- थोड़ी देर रुको, रवि नहा कर आ रहा है, फिर तुम दोनों उसके पापा की कार लेकर स्कूल चले जाना। लेकिन उससे पहले अपने घर जाकर अपने कपड़े बदल लेना।
तो वह मान गई। जब मैं नहा कर आया तो देखा कि वो दरवाजे पर खड़ी मम्मी से बात कर रही थी। उसकी शर्ट एक दम गीली थी वो
वाइट शर्ट और स्कर्ट मे थी | शर्ट के अंदर उसके स्तन और ताना हुआ चुचूक एकदम मस्त लग रहे थे। बहुत ही सुन्दर और सेक्सी लग रही थी। मैं मन ही मन उसे हवस भरी नजरों से देखने लगा। कभी उसके शर्ट में उभरे स्तनों को तो कभी उसकी स्कर्ट से उसकी चूत का आकार ! उसके जिस्म का एक एक अंग बहुत ही उभार वाला था। कसम से कोई भी लड़का उसे देखने बाद एक बार तो उसके नाम के मुठ मार ही लेगा। उसकी नज़र भी मेरी तरफ थी, वो जान गई थी कि मैं उसके सारे अंगों को बहुत ही हवस से देख रहा हूँ पर वो कुछ बोली नहीं |
फिर मैं जल्दी से तैयार होकर आया तो पापा से कार की चाबी लेकर कार स्टार्ट करने लगा और होर्न बजा कर Sushma (Name Changed) को बुलाने लगा। Sushma (Name Changed) होर्न सुन कर जल्दी से मेरे पास आई और बोली- सुशांत, तू आज मरवा देगा रूचि मैडम से !
मैंने कहा- तू जल्दी से गाड़ी में बैठ ! पहले तेरे घर चलें, तू ड्रेस बदल, फिर स्कूल जायेंगे।

वो बोली- ठीक है |
और वो कार में बैठ गई। उसका स्कूल बैग उसकी पीठ पर था तो वह ठीक से बैठ नहीं पा रही थी।

मैंने कहा- Sushma (Name Changed), अपना बैग उतार कर पीछे सीट पर रख दे !
तो वह बैग उतारने लगी। जब वह बैग उतार रही थी तो उसके कंधे पीछे की ओर हो गए और स्तन बाहर की ओर आ गए। | उसके चुचूक एकदम कड़क थे पानी में भीगने की वजह से !
उसकी आधी नंगी चुची को देख कर तो मेरा लंड करा हो गया |चुची की साइज़ कम से कम 32 तो होंगे ही |
मेरा मन कर रहा था कि बस स्कूल न जाकर उसे घर ले जाकर चोद दूँ।
मैं तो बस उसके वक्ष के बारे में ही सोच रहा था। एक बार गलती से मेरी कोहनी उसके मम्मे में लग गई। बस फिर क्या था, मेरे तो पूरे बदन मैं आग लग गई और फिर मैं बहाने बहाने से उसे स्पर्श करता। थोड़ी देर में हम उसके घर पहुँच गए। मैं अपना बैग लेने के लिए पीछे मुड़ा, इतने में वो भी मुड़ी, उसके होंठ मेरे गालों से छू गए |
फिर मैं बोला बैग यही छोर कर चलो अपने कापरे बदल लो वो बोली ठीक है चलो |
घर की सीढ़ी चढ़ते वक़्त मैंने देखा कि उसके स्तन ऊपर-नीचे उछल रहे हैं। मेरा तो लंड खड़ा हो रहा था देख-देख कर !

ना जाने कैसे उसकी शर्ट का बटन खुल गया था, अंदर से उसकी सफ़ेद रंग की ब्रा चमक रही थी लेकिन किसी तरह मैंने अपने आप को संभाल लिया |
और उसके घर गया घर मे कोई नही था | बोली सब लोग एक शादी मे गये है | मेरे मान मा हुआ आज कुछ व हो जाए इसको चोद के ही जाउ गा |फिर वो बाथरूम मे गयी और अपनी ड्रेस चेंज करने लगी बातरूम के डोर मे एक छेद था |जिस से अंदर का सब कुछ धिक रहा था | सब से पहले उस ने अपनी शर्ट उतार दी आब मूज़े उसकी पतली कमर लगभग 26 होगी और मुलायम अधखुली चुची दिख रही थी |फिर उस ने अपने स्कर्ट भी उतार दी | आब नीचे सिर्फ़ पैंटी थी जिस से उसकी गोरी और गोल मटोल चूतर धिक रही थी |इतने मे वो आगे मुरी और उसकी चुची मानो ब्रा से जल्दी बाहर निकलना चाह रही हो |और उसकी छूट जो पैंटी के उपर से साफ पता चल रही थी |
इतने मे उस ने अपना ब्रा भी उतार दी उसकी दोनो चुची आज़ाद हू गयी फिर उस ने अपनी पैंटी भी उतार दी |आब मेरे सामने उसका पूरा नंगा बदन था |
उसकी चूत पर एक भी बॉल नही थी | फिर वो अपने संगमरमर जैसे बदन को एक तौलेया से पोछने लगी | तब तक मेरा लंड भी तन के तंबू दान गया और मुझ से रहा नही गया और मैं ने अपने लंड को निकल कर मूठ मरने लगा | और सारा माल वही पर गिरा दीया फिर अपने लंड को पोच कर अंदर डाल ही रहा था की देखा Sushma (Name Changed) बाथरूम से निकल गयी है |और वो लंड को अंदर डालते हुए देख ली | लकिन कुछ नही बोली | मैंने उनको सर से पाँव तक देखा। काला टॉप और सफ़ेद स्कर्ट में वो बहुत सुन्दर लग रही थी | फिर मैं बोला Sushma (Name Changed) बाहर बहुत तेज बारीस हो रही है सो हम लोग कॉलेज नही जा पाए गे इलिये हम लोग यही पढ़ लेते है |
और एक साथ बैठ गये उस से सट कर वो मूज़े एक प्राब्लम समझा रही थी जिस से वो झुकी हुए थी और शर्ट के एक बटन कूले होने के कारण उसकी आधी चुचि धिक रही थी |
फिर मैं ने उसको बोला Sushma (Name Changed) तुम आज बहुत ही खूबसूरत लग रही हो इतना कह कर मैं ने अपना हाथ Sushma (Name Changed) की टांगों पर रखा दिया। कसम से जैसे ही रखा , मुझको कर्रेंट सा लगा। कितनी चिकनी टांगें थी उनकी ! बिल्कुल मखमल की तरह !
मैंने हिम्मत करके उनके पैरों पर हाथ फेरना शुरु कर दिया। वो अपना पैर थोड़ा लम्बा कर ली | अब मेरी हिम्मत बढ़ गई और डर दूर हो गया था। मैंने उनकी टांगों पर हाथ फेरना शुरु कर दिया और धीरे धीरे उनकी स्कर्ट के अन्दर हाथ डालना शुरु कर दिया।
क्या मज़ा था उसमें ! एकदम चिकनी और गोरी टाँगें थी उनकी ! फिर मैंने धीरे से उनकी दोनों टाँगें फ़ैलाई और उनकी तरफ देखा। वो मुस्कुराई और आँखें बंद करके बैठ गई।
इससे मेरी हिम्मत और बढ़ गई, मैं अपना हाथ ऊपर ले गया, उसकी चूत के आसपास दबाने और सहलाने लगा।
फिर मैंने उनकी स्कर्ट इतनी ऊपर कर दी कि मुझे उनकी पैंटी दिखने लगी। सफ़ेद रंग की पैंटी पहन रखी थी उसने और उस पर गीला गीला धब्बा भी हो चुका था।
मैंने अपना मुँह उनकी चूत पर पैंटी के ऊपर से ही लगा दिया और चूमने लगा। उनके अमृत का खट्टा सा स्वाद मेरी जीभ महसूस कर रही थी। उनके हाथ मेरे सर पर थे और वो मेरे सर को दबा कर मेरा मुँह अपनी चूत के और पास ले जाने की कोशिश कर रही थी |
और मैं ने पैंटी के ऊपर से ही उसकी चूत को दात से दबाने लगा | फिर मैं ने उसकी पैंटी को हल्का हटा कर उसकी चूत को जीभ से चाटने लगा और अपनी पूरी जीभ को उसके चूत मे डाल कर अंदर बाहर करने लगा |और अपने दोनो हाथो से उसकी चूटर को भी दबा रहा था | और फिर धीरे से उसकी गॅंड की छेद मे अपनी एक उंगली डाल दीया | फिर मैं उठ गया और उसको
बोला बिस्तर पर आ जाओ !
वो उठी और मेरा हाथ पकड़े-पकड़े बिस्तर पर आकर लेट गई। उन्होंने अपनी एक टांग सीधी और एक टांग घुटना मोड़ कर रख ली। मुझको वो लेटी हुई कयामत लग रही थी। मैंने फुर्ती से अपनी शर्ट उतारी और उनकी टांगों पर चूमने लगा। उनकी टांगों, फिर जांघों को चूमते-चूमते मैंने उनकी स्कर्ट पूरी ऊपर कर दी और अपनी उंगली उनकी पैंटी में डाल कर उसको एक तरफ़ करके पहली बार उनकी चूत के दर्शन किये।
क्या मस्त माल थी ! वो गुलाबी सी बिना बालों की चूत मुझको मस्त कर रही थी।
मैंने तुरंत उनकी पैंटी उतार दी तो उन्होंने अपनी टांगें पूरी चौड़ी कर दी। मैंने अपना मुँह उनकी गुलाबी चूत पर रख दिया और कभी उसको चाटता तो कभी अपनी जीभ उनकी चूत में डाल देता। मैं बार-बार उनके दाने को अपनी जीभ से सहला रहा था और हर बार वो मुँह से सेक्सी आवाज़ निकालती जो मुझको मस्त कर देती।
फिर मैं ने उसकी स्कर्ट भी उतार दीया |
और फिर मैं तुरन्त उसके होंठों को चूमने लगा, वो भी मेरे होंठो को चूमने लगी। करीब दस मिनट की चूमा-चाटी के बाद उसको लिटा कर फिर उसके होंठों को चूमने लगा और एक हाथ से उसके स्तन दबाने लगा।
वो सिसकारियाँ निकालने लगी और दोनों हाथों से मेरी पीठ को सहलाने लगी, फिर वो उठी और मेरी शर्ट के बटन खोलने लगी। फिर उसने मेरी शर्ट उतार दि। उसकी सांसें बहुत तेज़ चल रही थीं।
मैंने नीचे से उसकी कमीज़ के अन्दर हाथ डाला और उसकी चिकनी कमर से होता हुआ उसके ब्रा में कसे मम्मों पर पहुँच गया। और मैं उसकी गोल-मटोल चूचियों को ब्रा के ऊपर से ही दबाने लगा।
दूसरा हाथ भी मैंने उसकी कमीज़ में डाला और उसकी पीठ सहलाने लगा। हमारी सांसें और तेज़ हो गई थीं।
फिर मैं ने शर्ट के उपर से ही उसकी चुचि को चूसने लगा और अपने दोनो हाथो से उसकी मदमस्त नंगी गोल मोटोल गॅंड को दबाने लगा | फिर मैं ने उसकी शर्ट को व उतार दीया |अब वो काले रंग की नायलोन की पारदर्शी सी ब्रा पहने हुई थी जिसमें से उसके गुलाबी चुचूक साफ़ साफ़ दिख रहे और उनके स्तन बाहर आने को बेताब थे।
लेकिन ब्रा में से उसके बूब्स क्या गज़ब थे। मैंने उसकी ब्रा भी उतार दी और उसके मम्मे चूसने लगा। उसकी तो हालत खराब हो गई। वह तड़पने लगी।

पाँच मिनट तक मैं उसके मम्मे चूसता रहा। फिर मैं उसके पेट को चूमने लगा, वह तो सांप जैसे मचल रही थी। मुझे भी मज़ा आ रहा था |फिर मैं ने उसके दोनो चुची को दोनो हाथो से दबाने लगा |
और एक चुचूक मुँह में ले लिया और उस पर जीभ फिराने लगा। और अपने दोनो हाथो से उसकी चूतर को दबाने लगा |
लेकिन उसके मुँह से सिसकारियाँ निकल रही थी | फिर उसने धीरे से अपना हाथ मेरी जींस के ऊपर से ही मेरे कामदेव पर रख दिया।और में कभी चूतड़ तो कभी उसके स्तन दोनों पर हाथ फेरने लगा.. अब उसने भी अपना हाथ मेरी जींस में डाल दिया था, जैसे ही उसने मेरे लंड को छुआ, मुझे करंट सा लगा और मज़ा आने लगा, मेरा 4 इंच का सिकुड़ा लंड अब 7 इंच का हो चला था और पैंट के अन्दर ही फनफना रहा था ! फिर मैंने अपनी जींस खोल कर उसका हाथ पकड़ के अपने लंड पर लगा दिया, उसने मेरा लंड अपने हाथ में पकड़ लिया और उसे ऊपर-नीचे करने लगी।
फिर धीरे से लौड़े को अपने मुँह में लेने लगी। मेरा लंड इतना मोटा था कि उसके मुँह में नहीं आ रहा था। वो उसे चाटने लगी। मेरा लंड बार-बार हिल रहा था। उसको लंड चाटने में मजा आ रहा था, वो बोली- यह इतना मस्त लग रहा है कि दिल कर रहा है कि इसको खा जाऊं !

मैंने कहा- जान, अगर तो इसको खा जायेगी तो मैं तुझे कैसे चोदूंगा ?

फिर धीरे-धीरे उसने लंड के टोपे को मुँह में ले ही लिया और लॉलीपॉप की तरह चूसने लगी।
फिर हम 69 के पोज में आ गए और मैंन उसकी चूत चाटने लगा, वो मेरा लंड चूसने लगी। काफी देर तक हम ऐसे ही करते रहे।
फिर अब हम दोनों काफी गर्म हो गए थे, मेरा लंड भी चूत में जाने को बेक़रार हो रहा था तो मैंने उसे सीधा लिटाया और उसके पैर अपने कंधों पर रखे, इससे उसकी चूत थोड़ी ऊपर आ गई। पर उसकी चूत बहुत कसी लग रही थी |
फिर मैंने उसकी दोनों टांगो को उठाया, उनके बीच बैठ गया और उसकी चूत को पहले हल्के से उंगली से सहलाया और फिर उसके अंदर अपनी एक उंगली डाली। वो भी मजा लेने लगी। फिर मैंने अपनी दो उंगलियाँ डाली और मैंने अपने लंड का टोपा उनकी दोनों टांगो के बीच के गुलाबी छेद पर रख दिया। मैंने धीरे धीरे जोर लगाना शुरू किया। उन्होंने बताया कि वो पहली बार चुद रही है, दो धक्के मारने पर लंड का टोपा उसकी मस्त चूत में घुस गया। वो दर्द से तड़प गई। फिर मैंने धीरे धीरे जोर बढ़ाया, उसके मुँह पर अपना मुँह रख दिया और एक जोर का धक्का मार दिया जिससे उसकी चीख निकल गई पर मुँह में दबी रह गई।
उसकी आँखों में आंसू आ गए, वो रोने लगी।

मेरा लंड तब तक पूरा अन्दर तक जा चुका था और Sushma (Name Changed) की चूत से खून निकल रहा था। कुछ देर फिर मैं उसे चूमता रहा और उसके मम्मे चूसत रहा। कुछ देर बाद उसका दर्द कम हुआ तो वो अपनी कमर हिलाने लगी। तो मैंने अपनी गति बढ़ाई और उसकी चूत चोदने लगा। उसके पैर मेरे कंधो पर थे और मैं उसकी गांड पकड़ कर उसकी चूत चोद रहा था।

कुछ देर इसी तरह चोदने के बाद मैं नीचे आ गया और लेट गया और उसको ऊपर आने को कहा। मैंने नीचे लेट कर अपना लंड हाथ से पकड़ कर सीधा खड़ा किया और उसने मेरे ऊपर से आकर अपनी चूत को मेरे लंड के ऊपर रखा और धीरे धीरे मेरे लंड पर बैठने लगी और मेरा लंड उसकी चूत में पूरी तरह अन्दर चला गया। अब वो उपर से खुद चुदाई करने लगी और मैं कभी उसकी गांड मसलता तो कभी उसकी चूचियाँ।

करीब दस मिनट वो ऊपर से चुदाई करती रही फिर मैं उसकी गांड पकड़ कर नीचे से धक्के मारने लगा, थोड़ी देर तक मैं उसकी चूत नीचे से चोदता रहा।
अब वह धक्के पर आः ऊह्ह्ह श् औरऽऽर्र आआह्ह्ह्ह्ह कर रही थी, उसके हाथ मेरी पीठ पर थे और वह अपने नाखून मेरी पीठ में गड़ा रही थी। उसने अपनी टांगों को मेरी टांगों से ऐसे लिपटा लिया था जैसे सांप पेड़ से लिपट जाता है।

मुझे बहुत आनंद आ रहा था। उसके ऐसा करने से लंड उसकी चूत की पूरी गहराई नाप रहा था और हर शॉट के साथ वह पूरा आनंद ले रही थी, बोल रही थी- अंकुर, प्लीज़ कम ओन ऽऽ न ! फक मी हार्ड !

उसकी साँसें तेज हो गई थी और पूरे कमरे में आ आ... आ... उ... की आवाजें गूंजने लगी और फिर आःह्हछ उफ्फ्फ्फ्फफ्फ् श्ह्ह्ह्ह्ह्ह् की आवाजें करते करते वो फिर से झड़ गई।
अब उसकी चूत और चिकनी हो गई थी और मैंने अपनी स्पीड और बढ़ा दी- कभी तेज शॉट और छोटे शॉट तो कभी तेज शॉट और लॉन्ग शॉट लगाता।
जब छोटे शॉट लगाता तो उसको लगता कि उसकी जान निकल रही है, जब लॉन्ग शॉट लगाता तो उसको दर्द होता था |
मुझको बिल्कुल जन्नत का सुख मिल रहा था।
थोड़ी देर में उनका शरीर ऐंठने लगा और मुझको भी लगा कि मेरा माल निकलने वाला है, मैंने अपना लंड उनकी चूत से जैसे ही निकाला, उनकी पिचकारी छूट गई, वो झड़ चुकी थी,
मैंने अपना लंड उनके मुँह में डाल दिया, फिर दो तीन झटकों के बाद मेरा सारा माल उनके मुँह में निकल गया। वो मेरा सारा पानी चाट गई और अपनी जीभ से मेरा लंड भी साफ़ कर दिया।

और फिर हम दोनों उठे, बाथरूम में जाकर एक दूसरे को साफ़ किया और वापिस बेडरूम में आकर Sushma (Name Changed) मेरी ओर अपनी गाण्ड कर के कपड़े पहनने लगी | पर मैं तो उसकी गाण्ड देखता रह गया। दूध जैसी गोरी और मुलायम भीगी गाण्ड के उपर पानी की बूँद मस्त लग रहे थे |जिस को देख कर मेरा लंड फिर से खरा हो गया और मैं फिर से उसके पास गया और उसकी बालो को हटा के उसके गर्दन पर किस कीया | तो Sushma (Name Changed) ने कहा- क्या इरादा है?
तो मैंने कहा- मैं तुम्हरी गाण्ड मारना चाहता हूँ !

Sushma (Name Changed) ने कहा- नहीं ! यहाँ बहुत दर्द होगा !

तो मैंने कहा- नहीं जानू ! मैं दर्द नहीं होने दूँगा और तुमको बहुत मजा भी आयेगा !

उसने कहा- नहीं रहने दो !
लेकिन थोड़ी न-नुकर के बाद Sushma (Name Changed) गांड मराने को तैयार हो गई। मैं काफी खुश हुआ क्योंकि मुझे मेरे मन की तम्मना पूरी होने जा रही थी।
फिर उस ने मेरा हाथ पकड़ कर अपने नंगे बदन पर खींच लिया। ऐसा करने से मैं उनकी चुची पर गिरा और उनकी चुची मेरे ओठों से सट गई। एक बार फ़िर मेरे लन्ड में कसाव आने लगा।
मैंने अपना हाथ जैसे ही उनके बुर की तरफ़ रखना चाहा, वो पलट गई, जिससे मेरा हाथ उनके मखमली चूतड़ों पर चला गया। अब मैं उनके चुतड़ों को सहला रहा था।
फिर मैं उठा और उसकी गांड पर किस करने लगा |
फिर मैंने ने अपनी जीभ Sushma (Name Changed) गांड में घुसा दी, Sushma (Name Changed) बड़ा अजीब सा लगा। सो Sushma (Name Changed) बोली- मेरी गांड से अपनी जीभ निकाल ! यह गन्दी जगह है।

फिर मैं बोला - रानी, हम जिस से प्यार करते हैं, उसकी कोई चीज भी हमें गन्दी नहीं लगती।
आब तक मैं उसकी गांड को अच्छी तरह से चाट चुका, उसके बाद चूतड़ों को चूसने लगा |
फिर Sushma (Name Changed) ने मुझे क्रीम लाकर दी और कहा- लो मेरी गाण्ड पर लगा लो, नहीं तो मेरी गाण्ड का तुम भुरता ही बना दोगे। मैंने Sushma (Name Changed) की गुलाबी गाण्ड में क्रीम को अच्छी तरह लगा दिया तथा अपने लन्ड पर भी लगा लिया। Sushma (Name Changed) का गाण्ड काफ़ी सुन्दर लग रही थी। Sushma (Name Changed) की गाण्ड में मैंने जब उंगली डाली तो उन्हें काफ़ी अच्छा लगा।
कुछ देर तक Sushma (Name Changed) गांड में अपनी उंगली अंदर बाहर करने के बाद Sushma (Name Changed) की गांड को अपने हाथों से खोला और अपना लंड Sushma (Name Changed) की गांड के छेद पर रगड़ने लगा | फिर मेरा खड़ा लण्ड Sushma (Name Changed) के चूतड़ों पर फ़िसलने लगा |

फिर मैंने अपने लण्ड को उसकी गाण्ड पर रखा और धीरे से धक्का मारा तो मेरे लण्ड का अगला हिस्सा उसकी गाण्ड में चला गया और वो जोर से कहने लगी- उई ईए माआ मर गई सीई ईई ए उफ्फ्फफ्फ्फ़ !
उसका दर्द कम हो सो मैंने धीरे धीरे उसकी चूची को मसल रहा था | और फिर जब उसका दर्द कम हुआ तो , मैंने फिर एक जोर का धका मारा तो मेरा पूरा लण्ड उसकी गाण्ड में उतर गया और वो आगे की तरफ झुकने लगी। पर मैंने उसके कंधों को जोर से पकड़ लिया और उसको झुकने नहीं दिया। फिर मैंने अपने लण्ड को थोड़ा निकाल दिया।
और तुरन्त एक और करारा झटका दे डाला। इस बार मैंने देखा कि Sushma (Name Changed) के आँखों से पानी की कुछ बूंदें निकलने लगी पर Sushma (Name Changed) ने रुकने के लिये तक नहीं बोली, शायद वो गाण्ड का भरपूर मजा लेना चाहती थी। क्रीम के लग जाने से Sushma (Name Changed) की गाण्ड काफ़ी चिकनी हो गई थी। अब Sushma (Name Changed) को काफ़ी मजा आने लगा।
और फिर मैं अपने लंड को धीरे धीरे अंदर-बाहर करने लगा। करीब 5 मिनट तक धीरे धीरे करने के बाद उसकी गांड थोड़ी ढीली हुई और मेरा लण्ड अब आराम से जाने लगा तो मैंने अपनी गति बढ़ाई, अब उसे भी मजा आने लगा था और वो अपनी गांड उठा उठा कर मेरे धक्कों का जवाब दे रही थी।
मैं भी पूरे जोश के साथ धक्के पे धक्के मार रहा था, पूरा कमरा उसकी सिसकारियों से गूंज रहा था और वो बस मजा ले रही थी।
करीब 15 मिनट तक Sushma (Name Changed) के गाण्ड चोदने के बाद मैंने उनकी गाण्ड में अपना गर्म वीर्य छोड़ दिया।
हम दोनों पूरी तरह थक चुके थे। उसमें इतनी हिम्मत नहीं थी कि वो अपने कपड़े पहन सके। मैंने उसको जल्दी जल्दी जल्दी कपड़े पहनाए क्योंकि डर था कहीं कोई आ ना जाये !. फिर मैंने उसकी चूचियों पर फिर किस किया। बदले में उसने मेरे लंड को चूमा।

और बोला अगले सप्ताह मेरे घर पर कोई नही रहे गा | सब एक शादी मे जाने बाले है सिर्फ़ मैं नही जा रहा हू | तुम आ जाना ये बात सुन कर वो खुशी से मुझ से लिपट गई फिर मैंने उसके होठों पर अपने होंठ रख दिए जिन्हें वह चूसने लगी।
अगले सप्ताह मेरे घर पर जो हुआ जानने के लीए इंतजार करे अगली कहानी का .........

दोस्तो, आपको मेरी यह कहानी कैसी लगी, मुझे मेल करके जरूर बतायें, इस पर भी आपके सुझाव भी भेजें।

मुझे आपके मेल का इन्तज़ार रहेगा..

» Back
2016 © Antarvasna.Us
Kamukta, Hindi Sex Stories, Indian Sex Stories, Hindi Sex Kahani, Desi Chudai Kahani, Free Sexy Adult Story, New Hindi Sex Story