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पूजा को उसके घर मे चोद दीया

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Added : 2015-08-13 23:41:03
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पूजा को उसके घर मे चोद दीया ;-



हेलो दोस्तो, मैं अपनी सच्ची कहानी आपको बता रहा हूँ। मेरा नाम सुशांत है,पटना का रहने वाला, 20 साल का एक कुंवारा लड़का हूँ। मस्त लण्ड का भी मालिक हूँ। ज्यादातर लड़कियाँ मेरी मुस्कान पर मर मिटती हैं |
वैसे मैं दिल्ली में कोचिंग ले रहा हूँ पर आजकल मैं पटना में ही हूँ।
मुझे इस साईट के बारे में पहले से ही नहीं पता था, मेरे एक दोस्त ने बताया था इस साईट के बारे में, मैंने तो अनदेखा कर दिया उसकी बात को तो फिर जब मैंने इसे एक दिन पढ़ा तो बस इसका दीवाना हो गया हूँ,
मैंने इस पर बहुत सी कहानियाँ पढ़ी, कुछ सच्ची थी और कुछ झूठी भी और इन कहानियों को पढ़कर न जाने कितनी मुठियाँ मैंने मारी हैं।

तो एक दिन मैंने भी सोचा कि मैं भी इस साईट पर अपनी एक कहानी डालूँ ! उम्मीद है कि आप लोगों को पसंद आएगी।


बात यूँ शुरू हुई !
एक दिन मे मॉर्निंग मैं जॉगिंग कर रहा था की तब आचनक एक लड़की को मैंने देखा कि उसने टाईट टॉप पहना है और जींस पहना था और वो भी जोगिंग के लिये आई है, मैं उसको देखता ही रह गया।
वो एक परी जैसी लग रही थी। उसके नाग जैसे काले बाल और गुलाब जैसे उसके होंठ थे। गुलाबी रंग, बड़ी-२ आंखें, खूब फूले हुए बूब्स, भरे-२ चूतड़ और उनसे नीचे उतरती सुडौल जांघें सब से अच्छे तो उसके चूचे थे जो उसे देखे तो उसे दबाने के लिए दौड़े।
उसकी कूल्हे देख कर तो अच्छे अच्छे भी हिल जायें।

उसकी फ़िगर 34'' 28" 36'' लग रही थी।
जब वो दौर रही थी तो उसकी बूब'स उपर नीचे हो रहा था |
और सब से आछी उसके चूतर लग रहे थे मान कर रहा था की अवी उसके चूतर को दबा कर लाल कर डू लेकिन मई सिर्फ़ उसको देखता हे रहा वो वापस जाने लगे तो देखा मारे अपार्टमेंट मा ही गई तो मैं उसके बारे मे पता काला की वो हमारे नायी परोसी है |
और उसके घर मे उसके अलबा उसके मॅमी पापा और 19 साल का उसका एक भाई है|
आब मैं उसको चोद्ने का प्लान बनाया सो मई ना उसके भाई से दोस्ती कर ली और एक दिन मैं उसके साथ उसके घर गया तब पता चला की उसका नाम पूजा है और वो मुझसे चार साल बड़ी है और उसने मास्टर ऑफ़ कंप्यूटर किया हुआ है।
तो मैं बोला तब तो आप को कॅंप्यूटर के पूरी जानकारे होगी तो उस ना कहा हा तब तो मूज़े कॅंप्यूटर से रिलेटेड कुछ प्राब्लम होगी तो मैं आप से ही पूछ लूँगा तो उस ने बोली ज़रूर फिर मे बाइ बोल कर वाहा से चला गया |
फिर वो मूज़े अगले दिन जॉगिंग कर के लौट रही थी तो मूज़े देख कर मुस्कुरा दी और उपर जाने लगे साथ मे तो मैं ना पूछा एक बात पूछ सकता हू
|आप इतना फिट कैसे रहती है सिर्फ़ जॉगिंग कर कर या .... तो वो बोली नही एक्सरसाइज़ वी करती हू छत पर शाम को और मैं साथ चलने लगा और वो चली गयी और मैं फिर से कुछ नही कर पाया |सिर्फ़ उसको जाते हुए उसकी चूतर को देखता रहा |
फिर मैं शाम को छत पर गया तो वो एक्सरसाइज़ कर रही थी |
तब उस ने वाइट टी-शर्ट और हाफ पैंट मे थी जब वो झुक रही थी तब उसके चुची दाखने लाइक थी मान कर रहा था के अवी जाो और इसको पटक कर चोद दू और मेरा लंड करा हो गया वो पेंट को फार कर निकलना चाह रहा था |
इतने मा उसका एक्सरसाइज़ ख़तम हो गया वो नीचे जाने के लीअ सीढ़ी की वोर आने लगी और मे छत पर जाने लगा और मे जान भुझ कर उस से टकरा गया और वो मारे उपर गिर गयी |
और उसके दोनो चुची मेरे सीने पर पता चलने लगा और उसकी होठ मारे होठ से सटे थे और मेरा दोनो हाथ उसके चूतर पर था |और मे हल्के हाथो से उसके चूतर को सहलाने लगा और उसके होठ को अपने होठ से दबा देआ |
इतने मे उसकी चुची टाइट हो गयी और उसके निप्पल मेरे सीने मे चुबने लगा |
फिर भी मैं लेटा रहा और धीरे धीरे मे अपना एक हाथ उसके पैंट के अंदर डाल दीआ और पेंटी के उपर से ही उसके चूतर को मसलने लगा और नीचे उसके चूत के पास मेरा लंड का उसको आभास
होने लगा क्यू की मेरा लंड पूरी तरह से टाइट हो गया था |लेकिन वो उठने की कोसिस करने लगी और थोरा उठ कर फिर गिर गयी और उसकी दोनो चुची मेरे सर के पास आ गया |
मैं ने हुल्के से उसके एक निप्पल को अपने होठ से दबा दीया |उसकी पूरे बदन से पसीना चल रहा था |
आब तक वो वी गरम हो चुकी थी और अपना हाथ मेरे लंड की ओर बढ़ने लगी तभी नीचे से किसी के आने की आबाज आई सो हम दोनो उठ गये और अपने-अपने कपरे झार लीया और वो नीचे गयी
और मे छत पर बाथरूम मे जा कर पूजा के नाम से मूठ मार कर ही काम चला कर नीचे आ गया |
और उपर आने बाले को गली दे रहा था |
फिर मे फ्रेस हो कर उसके घर गया | तब घर मे सिर्फ़ उसकी मॉम और वो थी मैं ने उसकी मॉम से पूछा पूजा दीदी कहा है| तो वो पूजा को बुलाई वो मूज़े देख कर चौक गयी वो कुछ बोलती उस से पहले मैं बोला दीदी वो थोरा प्राब्लम था
समझा दोगी वो चिड़ कर बोली के है पूछो |
मैं प्रोब्लेम पूछा वो वही समझने लगी फिर उसकी मॉम बोली की रूम मे ले जाओ वही बैठा कर समझा देना वो मूज़े अपने रूम मे ले गयी और पूछी क्यू आया है यहा |
जो उपर नही हो पाया उसको पूरा करने को तो वो मुस्कुरा दी और बोली पहले पढ़ो और वो बताने लगी| तब वो स्कर्ट और शर्ट जिसके बटन सामने खुलते थे पहने हुए थी | जिसमें उसके बूब्स का उभार गजब ढा रहा था। मेरा ध्यान वहीं पर था।

उनकी चूची का बोर्डर ज़बान पर पानी ला रहा था, लालच मन में जगा रहा था। दोनों चूचियों के बीच की गहरी लाइन ब्रा के ऊपर से लण्ड को मस्ती दिला रही थी।वो मेरे इतने करीब खड़ी थी कि उनका खुला पेट वाला हिस्सा मेरे मुँह के पास आ चुका था
जिसमें से उनकी गोल-गोल गहरी नाभि की महक मेरे नथुनों में मीठा ज़हर घोल रही थी।
फिर उनका पेन हाथ से गिरकर मेरे सामने टपक गया जिसे लेने वो नीचे झुकी तो दोनों चूचियाँ मेरे मुँह के सामने परस गये।सामने खुला हुआ सीना मेरे दिल की धड़कन बढ़ा रहा था।

फिर मैं ने अपना एक हाथ उसके कंधो पर रखा | वो कुछ नही बोली फिर मैं ने अपना एक हाथ उसके सिने की तरफ बढ़ाया तो वो कपने लगी | धीरे -धीरे मैं उसके चुची को शर्ट के उपर से सहलाने लगा |
उस ने आख बंद कर ली|मेरा हाथ उसके निप्पल को ढूँढ रही थी उसके निप्पल तन कर सक्त हो गयी थी |
मैं ने उसके निप्पल को दबाना शुरू कर दीया |वो थरथरने लगी |आब मेरा हाथ नीचे बढ़ने लगा जैसे ही मेरा हाथ उसके नंगी कमर के पास पहुचा वो कपने लगी आब मेरी एक हाथ उसके नाभि के छेड़ को कुरेद रही थी |
मैं ने अपना एक हाथ नीचे उसकी टॅंगो की तरफ बढ़ाया उसकी गोरी खूबसूरत टाँगे जिस पर बाल का नामोनिशान नही था वो मूज़े मदहोश करने लगी |
फिर स्कर्ट को थोरा उपर उठाया तो उसकी जंघे नज़र आने लगी मैं ने अपने कपते हाथ उसकी जाँघ पर फेरा तो वो कारबटे बदलने लगी |
मुझे लगा की मैं किसी मखमल पर हाथ फेर रहा हू |थोरा और बढ़ा तो हाथ किसी गरम तपती हुई चीज से टकराया वो उसके चूत के उपर की पेंटी थी जो गीली हो चुकी थी |
और मेरे हाथो मे कोई चिपचिपाती चीज लगी |और मैं उपर से ही चूत को ज़ोर ज़ोर से दबने लगा तभी मूज़े उसकी हल्की सिसकारी सुनाई देने लगी |
मैं इसी सिसकारी मे डूबा हुआ था तभी फ़ोन की घंटी बजने लगी मैं ने देखा की उसके पापा का फ़ोन था | मैं फ़ोन ले कर उसके मॉम के पास गया तो वो सजधज कर कही जा रही थी | फ़ोन उठा कर बोली बस आ रही हू और रख दी |
और मूज़े बोली बेटा तुम यही पूजा के पास रहना मैं एक पार्टी मा जेया रही हू इसके पापा और भाई वही है |और मैं रात 10 बजे तक आ जौ गी और वो चली गयी |
उनके जाने के बाद पूजा मेरी तरफ देख रही थी, मैंने तुरंत उसे कसकर अपनी बाहों में भर लिया। उफ़ क्या आनन्द था। वो भी लता की तरह मुझसे लिपटी हुई थी। फिर मैंने उसे चूमना शुरू किया गाल, गर्दन, पलकें, ठोढ़ी और होंठ। मैंने उसके पतले -पतले होंठ को अपने होंठ से मिला कर चूसने लगा उसके होंठ गुलाब जामुन की तरह गर्म और मीठे थे और बहुत रसीले भी बहुत देर तक उसके होंठ को चूस्ता रहा |फिर मैंने अपना एक हाथ उसके शर्ट के अंदर डाल दिया और उसके रसीले संतरों को मसलने लगा।
उसके चूचूकों को अपनी दो उँगलियों के बीच लेकर रगड़ने लगा तो उसके मुँह से सिसकारियाँ निकलने लगीं।
पूजा ने धीरे से कहा,"कोई आ जाएगा। पहले डोर बंद करो मैं जल्दी से उठा और डोर बंद कर के मैं उसके पा गया और फिर उसके होंठ चूसने लगा। वह भी मेरा साथ दे रही थी और मस्ती में आह आह की आवाजें निकाल रही थी। मैं चुम्बन के साथ-साथ उसकी जांघें और उसकी कमर को भी सहला रहा था। यह सिलसिला करीब बीस मिनट तक चला। फिर मैंने उसे बिस्तर पर उल्टा लेटा दिया। इतना सब करते समय मेरा लण्ड खड़ा हो गया था। उसके बहुत ही मुलायम गोल और भारी गांड ऊपर की तरफ थी। मैंने उसकी कमीज़ का पल्लू उठाया, बिस्तर पर बैठा और उसकी गांड पर हाथ फेरने लगा।
और उसकी स्कर्ट को उतार दीया | और फिर उसको सीधा कर के शर्ट को भी उतार दीया |
अब उसके बदन पर सिर्फ़ ब्रा-पैंटी ही थी ....

मैंने उसके बदन पर मेरी निगाह डाली तो देखता ही रह गया ..गुलाबी बदन चमक रहा था ! इतनी सेक्सी लग रही थी वो कि मुझे ख़ुद पर कंट्रोल पाना मुश्किल था, लण्ड बेहद तन गया था और दर्द कर रहा था।
तो मैं फ़िर से उसे चुम्बनों से नहलाने लगा। स्तनों से अब थोड़ा नीचे आया, उसके समतल पेट को चूमा और अब उसकी नाभि की ओर बढ़ा।

अपनी जीभ को घुमाया उसकी नाभि में और चाटना शुरू किया ! हौले-हौले नाभि के आस पास जीभ को गोल गोल घुमाते हुए उसे चाट रहा था ...उसके बदन में गर्मी बढ़ रही थी ....वो दबे मुँह सिसकियाँ ले रही थी और उसका गोरा सा बदन मचल रहा था। मगर अब भी वो चुपचाप मजे ले रही थी कोई हरकत नहीं कर रही थी ....

मैं चूमते हुए धीरे धीरे नाभि के नीचे पहुँचा और अब मेरा मुँह उसकी पैंटी के ऊपर था ...पैंटी से ही उसकी चूत को चूमा और मुँह को दबाया उसकी चूत पर और तब मैंने देखा कि उसका बदन तेजी से मचल रहा है ....

मैंने धीरे से उसकी पैंटी को नीचे सरकाया ...वाह क्या गुलाबी चूत थी उसकी ... बिल्कुल साफ़ सुथरी और थोड़ी सी नम ! ऐसा लगता था मानो गुलाब की पंखुड़ियों से बनी हुई है उसकी चूत जो उसकी गोरी सी चिकनी जांघों के बीच सोई पड़ी थी, आज जाग गई है ...

मैंने चूत की ऊपर की किनारी से चूमना शुरू किया और गोल गोल मुँह को घुमाते हुए उसकी चूत को चूमने लगा ...बहुत ही मीठी खुशबू उसकी चूत से आ रही थी
और मैं पागल हुए जा रहा था ...उसकी चूत के बीच के हिस्से में मैं चूम रहा था ...चूत गीली हो गई थी और फ़ूल गई थी ...बीच का रास्ता खुलता हुआ नजर आ रहा था और उसमें से चूत की गहराई झलक रही थी ....
मैंने अपना कंट्रोल खोते हुए दोनों हाथों से चूत को फैला दी और चूत में जीभ घुसेड़ दी और चाटने लगा और चाटते हुए उसकी गांड को सहलाने लगा। उसी वक्त मैंने मेरे लण्ड पर उसके हाथ को महसूस किया और मैं जोर जोर से चूत चाटने लगा, जीभ को पूरा चूत में घुसेड़ दिया और हिलाने लगा।
अब वो अपना आपा खो रही थी और अपनी जुबान मेरे मुँह में डाल रही थी। तब ही मुझे एक झटका लगा, उसने मेरे पैंट को खोला और अन्डरवीयर के अन्दर हाथ डाल कर मेरे लण्ड को सहला रही थी।और फिर उस ना मेरे सारे कापरे उतार दी और मेरे 8 इंच के लंड को देख कर झट से अपने मुँह में डाल दिया। वो उसे अपने गले तक अन्दर ले जाकर चूसे जा रही थी। कुछ 15 मिनट तक उसने मेरा लौड़ा चूसा होगा, मैंने अपना सारा माल उसके मुँह में छोड़ दिया और वो पी गई उसको।

फ़िर उसने अपनी जबान से लण्ड को साफ़ किया और मेरे गोद में आकर मुझे बाहों में लेकर चूमने लगी।
वो काली ब्रा पहने हुई थी और चूचियां तो जैसे ब्रा को फाड़ कर निकलने को बेताब थी। ..अब मैंने उसकी ब्रा के हुक खोल कर उसे उतार दिया। मेरी तो आँखें ही मानो फट गई- क्या चूचे थे उसके गोल गोल।

मैंने जैसे ही उनको छुआ तो उसकी तो आँखें ही बंद हो गई। मैं उसके वक्ष को चूमने लगा। वो अह्ह्ह अआः ह्ह्ह्ह ह्ह्ह्हम मम मम्ममम करने लगी।
मैं चूचियों को हाथ में लेकर दबाने लगा और एक चुचूक मुँह में ले लिया और उस पर जीभ फिराने लगा। कोमल की तो हालत ही खराब हो गई। वो एकदम गर्म हो गई थी। मैंने जोर से चूसना शुरू कर दिया। उसने मेरे सर को अपने वक्ष पर दबा दिया।
मैं और तेज चूसने लगा और उन्हें दबाने लगा।
अब वो बिल्कुल निर्वस्त्र मेरे सामने पड़ी हुई थी और मैं खिड़की से छनकर आती रोशनी में उसका शानदार जिस्म देख रहा था।

थोड़ी देर उसका जिस्म निहारने के बाद मैंने उसके घुटने मोड़ कर खड़े कर दिये और टाँगें चौड़ी कर दीं। फिर मैं अपना मुँह उसकी टाँगों के बीच करके लेट गया। उँगलियों से उसकी योनि की फाँको को इतना फैलाया कि उसकी सुरंग का छोटा सा मुहाना दिखाई पड़ने लगा। मैंने सोचा कि इतने छोटे से मुहाने से मेरा इतना मोटा लिंग एक झटके में कैसे अंदर जा पाता। मस्तराम वाकई हवाई लेखन करता है। मैंने अपनी जीभ उस छेद से सटा दी। मेरी जुबान पर स्याही जैसा स्वाद महसूस हुआ। मैंने जुबान अंदर घुसाने की कोशिश की तो सुगन्धा ने अपने नितंब ऊपर उठा दिये। अब उसकी योनि का छेद थोड़ा और खुल गया और मुझे जुबान का अगला हिस्सा अंदर घुसाने में आसानी हुई।
फिर मैंने अपनी जुबान बाहर निकाली और फिर से अंदर डाल दी। उसके शरीर को झटका लगा। उसने अभी भी चूतर ऊपर की तरफ उठा रखा था।सो मैंने उसे बेड पर सीधा लिटाया और उसकी गाँड के नीचे एक तकिया लगाया जिससे उसकी चूत ऊपर आ गई।
फिर मैंने अपनी तरजनी उँगली उसके छेद में घुसाने की कोशिश की। मेरी जुबान ने पहले ही गुफा को काफी चिकना बना रखा था। तरजनी धीरे धीरे अंदर घुसने लगी। जब उँगली अंदर चली गई तो मैं उसे अंदर ही मोड़कर उसकी योनि के आंतरिक हिस्सों को छूने लगा। मुझे अपनी उँगली पर गीली रुई जैसा अहसास हो रहा था। कुछ हिस्से थोड़ा खुरदुरे भी थे। उनको उँगली से सहलाने पर सुगन्धा काँप उठती थी।
मैंने सोचा अब दो उँगलियाँ डाल कर देखी जाए। मैं तरजनी और उसके बगल की उँगली एक साथ धीरे धीरे उसकी गुफा में घुसेड़ने लगा। थोड़ी सी रुकावट और पूजा के मुँह से एक कराह निकलने के बाद दोनों उँगलियाँ भीतर प्रवेश कर गईं। अब पूजा की गुफा से पानी का रिसाव काफी तेजी से हो रहा था। मैंने तकिया हटाया और उसकी जाँघें अपनी जाँघों पर चढ़ा लीं।
फिर मैं अपने लण्ड को उसकी चूत पर फिराने लगा। उसकी चूत तन्दूर की तरह गरम थी। उसने कहा कि उसने कभी चुदवाया नहीं है। मेरा इतना मोटा लण्ड उसकी चूत में कैसे जायेगा। मैंने कहा- थोड़ा सा दर्द होगा, लेकिन बाद मे मज़ा आयेगा।

मैंने अपने लण्ड और उसकी चूत पर क्रीम लगाई और अपना लण्ड धीरे से उसकी चूत में घुसाने लगा। उसकी चूत बहुत टाइट थी।

मेरे लण्ड का सुपाड़ा उसके अन्दर जाते ही वो जोर से बोली,“बहुत दर्द हो रहा है !” मैं वहीं पर रूक गया और उसकी चूचियों को सहलाने लगा और उसके होठों को चूमने लगा।
थोड़ी देर मे पूजा जोश में आ गई और अपने चूतड़ उठाने लगी। मैंने ऊपर से थोड़ा जोर लगाया, मेरा लण्ड उसकी चूत में ३ इन्च घुस गया। वो जोर से चिल्लाने लगी सो मैं ने अपना होठ उसके होठ पर रख दीया |और मैं धीरे धीरे अपने लण्ड को उसकी चूत में ३ इन्च में अन्दर बाहर करने लगा। उसे भी मज़ा आने लगा और वो मुझसे ज्यादा चिपकने लगी। अचानक मैंने एक जोर का झटका दिया और अपना पूरा 7 इन्च का लण्ड उसकी चूत में घुसेड़ दिया। वो बहुत जोर से चीखी और जोर से तड़पने लगी।
मैं वहीं पर रूक गया। उसकी चूत में से खून निकलने लगा था। वो जोर जोर से रोने लगी, मैंने उसे प्यार से समझाया कि मेरा पूरा लण्ड उसकी चूत में चल गया है। अभी थोड़ा सा दर्द होगा लेकिन बाद मे जो मज़ा आयेगा वो पूरा दर्द भुला देगा।

मैंने उसके लाख कहने पर भी अपना लण्ड उसकी चूत से नहीं निकाला।

पाँच मिनट तक मैं सिर्फ़ उसके बूब्स को चूसता रहा और उसके पूरे शरीर पर हाथ फ़िराता रहा। धीरे धीरे उसका दर्द कम हुआ और उसे जोश आने लगा। वो मुझसे चिपक गई और अपने चूतड़ उठाने लगी।
उसकी चूत मेरे लण्ड को कभी जकड़ती और कभी ढीला छोड़ती। मैं इशारा समझ गया और मैंने धीरे धीरे अपने लण्ड को उसकी चूत में अन्दर बाहर करना शुरू कर दिया।
थोड़ी देर मैं उसे भी मज़ा आने लगा और वो भी हिल हिल कर चुदाइ का मज़ा लेने लगी। १० मिनट तक मैं उसे चोदता रहा। इतनी देर मे उसकी चूत गीली हो गई और उसका दर्द कम हो गया, और वो बहुत मज़े लेकर चुदवाने लगी।

वो भी नीचे से गांड हिला कर मेरा साथ दे रही थी और बोल रही थी- य्य्य्याआ आआआआअ आया तेज और तेज करो बेबी. मुझे चोदते रहो ….आआआ आआऊऊऊऊ मम्म म्मनन्न न्न्न्न स्स्सस्स्सम्मम्म म्मम् म्मम्म !फिर मैंने उसके दोनो टॅंग को अपने कंधे पर रख कर फिर से अपना लंड को उसकी चूत मे दल दी और तेज तेज धक्के लगाने शुरू कर दिए। फिर मैंने उसे घोड़ी बना कर चोदा। जो भी सेक्स मुद्राएँ मैं जानता था, सब की …दीवार के साथ खड़ा करके, उसे गोद मैं लेकर चोदा। फिर वो मेरे ऊपर आ गई। वो सेक्स को पूरा मजा ले रही थी, जैसे इंग्लिश मूवी में करते हैं! उसकी चूत से खून भी निकल रहा था, उसकी सील पूरी टूट गई थी। अब उसकी चूत से पच पच की आवाज आ रही थी।

और लंड चूत मे अंदर जा रहा था,बाहर आ रहा था |वो भी हर झटके मे सिसकारी भर रही थी| सो मैं आब झरने बाला हू बोल कर सारा रस उसके उपर ही छोर दीया |
करीब १० मिनट तक उसके ऊपर लेटा रहा। हम दोनों की सांस की आवाज से पूरा कमरा गूँज रहा था।

उसके बाद हम दोनो उठे और बाथरूम में जाकर उसकी चूत और अपने लण्ड को धो कर साफ़ किया और वापस आकर बेड पर बैठ गये।
फिर मैं पूजा के गॅंड वी मारी उसके बारे मे अगले कहानी मे लिखू गा |
आप को मेरी कहानी कैसी लगी और अगर आप के कुछ सबाल हो तो आप मूज़े मेल कर सकती है|

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