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Mami Ne Mere Lund Ki Seal Kholi- Part 2

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Added : 2016-01-19 00:49:43
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दोस्तो, अब तक आपने पढ़ा..
फिर थोड़ा चूमने और दबाने के बाद हम अलग हुए और मामी से मैंने कहा- क्यों मामा जी की कमी महसूस हो रही है ना..??? मैं पूरी कर दूँ?
वो पागल हो गईं और ‘हाँ’ कहते हुए मुझसे लिपट गईं और मेरे लंड को अपने हाथों से दबाते हुए मुझे हर जगह चूमने लगीं।
वो बोलीं- साले में कब से तरस रही थी तेरे लंड के लिए.. और तुझसे कहना चाहती थी.. मगर आज तूने शुरूआत करके मेरे ख्वाहिश पूरी कर ही दी। यह बता कमीने पहले कभी किसी के साथ किया है?
मैं बोला- आप ही पहली हो.. मुझे कुछ सिख़ाओ..
वो कहने लगीं- वाह आज तो नए लण्ड का मज़ा आएगा.. आअहह..
और वे ज़ोर से मेरा लंड दबाने लगीं। मैं चिल्लाया- आअहह..

अब आगे..

फिर मैंने भी उनके चूतड़ों से पकड़ कर उन्हें उठाया वो चीख पड़ीं- आअहह.. आराम से.. कुत्ते.. अपनी मामी की जान लेगा क्या??
मैं बोला- नहीं आज अपने लंड से तेरी जान निकालूँगा..

मेरे लोहे जैसा लंड उनकी सारे कपड़े फाड़ कर अन्दर जाने के लिए एकदम तैयार था.. मैंने उन्हें दीवार से टिकाया और उन्हें किस करना चालू किया.. उनकी साड़ी थोड़ी ढीली करके नीचे गिरा दी और उनके ब्लाउज को खींच कर निकालने की कोशिश करने लगा।

वो ‘आहह.. अया आह एम्म्म एम्म्म..’ कामुक आवाजों से मुझे और उत्साहित कर रही थीं। मैं उन्हें लेकर बिस्तर पर गिर गया और किस करते-करते मैंने उनकी साड़ी ऊपर को कर दी और उनकी पैन्टी निकाल कर उनकी चूत में उंगली डाल दी।

वो ‘आअहह.. आह्ह.. मादरचोद आराम से घुसा लौंडे.. चूत फाड़ देगा क्या..’
मैं ज़ोर-ज़ोर से वाइब्रेटर की तरह उंगली अन्दर-बाहर करने लगा.. वो सिकुड़ती जा रही थीं.. मैं पागलों की तरह उनकी चूत को छेड़ रहा था।

फिर मैं उनकी चूत चाटने लगा.. पहले उनकी चूत के ऊपर के हिस्से पर जीभ फेरने लगा और फिर अन्दर जीभ घुसाने लगा।
वो तो पागलों की तरह सिसकारियाँ ले रही थी ‘आहह.. उई माँआ.. मेरे हरामी भांजे.. आराम से.. मैं मर जाऊँगी…’
मैं बोला- सबर करो मामी.. इतनी जल्दी नहीं मरने दूँगा.. अभी तो शुरू किया है..
तो वो कहने लगीं- तू तो एक्सपर्ट की तरह ओरल सेक्स कर रहा है..
मैंने कहा- ये एक्सपर्ट का तरीका नहीं है आपके चूत की चाहत की दीवानगी का पागलपन का स्टाइल है।

वो और ज़ोर से सिसकारियाँ लेने लगीं- आ आ.. अहह्.. बस अब तो डाल दे.. मेरी जान.. उउफफ्फ़ उफ़फ्फ़ आह आ और नहीं और नहीं भोसड़ी के.. अब घुसेड़ मादरचोद…

मैंने अपने लोहे जैसे लंड को निकाला और उनकी चूत के छेद पर रखा और थोड़ा ऊपर-नीचे हिलाया..
‘ऊई.. ऊहह.. घुसा.. घुसा कमीने जल्दी..’
मैंने अपना लंड वहाँ से हटा दिया..
वो गुस्सा हो गईं- साले बुर के अन्दर लंड डाल..
मैं बोला- साली भोसमारी की.. चुप..

फिर वापिस उसके छेद पर आकर और उसके अंजाने में एक ज़ोरदार झटका मारा.. उत्तेजना की वजह से लंड कुछ ज़्यादा मोटा हो गया था और उसकी चूत में आधा ही घुसा था कि वो दर्द के मारे चिल्लाई- मअर गई भेनचोद.. आह.. आअहह आऐ.. मेरी चूत फट गई.. निकाल बाहर इसे.. अयाआ.. आहह.. तेरा लौड़ा है या मूसल है..

मैंने एक ना सुनी और दूसरा झटका लगा दिया..
वो रो पड़ी- अयाया.. अफ.. उफ़फ्फ़.. ऊओ.. निकाल जल्दी..
मैं उनके होंठों को चूमने लगा.. वो दर्द से तड़प रही थी..

फिर थोड़ी देर बाद मैंने अपना लंड बाहर निकाला और उनकी चूत को चूमने लगा और उन्हें थोड़ी राहत मिली।
वो बोलीं- आहह साले.. इतना बड़ा है तेरा..
मैं हँस दिया।

फिर उन्होंने पूछा- क्या तूने इस पर अपनी थूक लगाई थी?
मैंने कहा- नहीं, क्यों?
वो बोली- अरे इसलिए तेरा लौड़ा मेरी चूत में अटक गया था.. और आगे नहीं जा रहा था!

फिर उन्होंने मेरा लंड अपने मुँह में ले लिया..
आह्हअया.. ऊहह.. क्या बताऊँ.. मैं तो पूरा हिल गया था..

वो ज़ोर-ज़ोर से आगे-पीछे होती जा रही थी और मेरा पूरा लंड उसकी लार से चिकना होता जा रहा था।
मेरे मुँह से आहें निकल रही थीं- ऊ.. ऊआह.. मामी और करो और करो प्लीज़.. यस यस.. आप कमाल हो..

फिर वो खड़ी हुईं और जाकर बिस्तर पर चित्त लेट गईं और बोलीं- चल मेरे जानू.. अब टूट पड़ो मेरी चूत पर.. और पूरी कर ले अपनी हवस।

मैं उनके ऊपर कूद पड़ा और फिर उनको बुरी तरह चोदने लगा और वो ‘आह.. आहह..’ करके चीखने लगीं।
कुछ ही देर में बोलीं- मैं जाने वाली हूँ..

मैं भी अपनी चरम सीमा पर था और मैंने भी अपनी स्पीड बढ़ा दी, ज़ोर-ज़ोर से चोदने लगा, वो ‘आहह… आह.. बस आहह.. और कर.. मुझे.. और..’
फिर आख़िर में ज़ोर से चिल्लाईं और झड़ गईं।
थोड़ी देर में मैंने भी उनकी चूत में सारा माल छोड़ दिया तो वो ‘आहह.. क्या गरम माल है..’ कह कर मेरा लंड को हिलाने लगीं।

फिर हम लेट गए, मैंने उनसे पूछा- मामा तो आपको एक ही स्टाइल में चोदते होंगे? मैं कुछ और नया करूँ क्या.. मेरा एक और बार चोदने का मन कर रहा है..
वो बोली- और कितना करेगा।
मैंने कहा- मैं अभी तक संतुष्ट नहीं हुआ हूँ।

फिर मैंने उनके मम्मों को दबाने शुरू कर दिया और उनकी चूत पर हाथ फेर रहा था। वो धीरे-धीरे गरम होने लगीं और मेरा लंड तनने लगा।
फिर मैंने कहा- मामी घोड़ी बन जाओ।
वो बोलीं- क्यों?

मैंने उन्हें उल्टा कर दिया और बिना उन्हें कहे उनकी चूत में लंड पेल दिया और धक्के मारने लगा।
मैं दोनों हाथों से उनके मम्मों को दबाने लगा.. वो मचलने लगीं- आहाआह.. आहह.. आ..आह मस्त तरीका है.. मजा आ रहा है.. आहह.. करते रह..

फिर थोड़ी देर बाद मैं नीचे लेट गया और वो मेरे ऊपर चढ़ गईं.. और अपनी चूत में लौड़े को लेकर को हिलने लगीं।

फिर मैंने उनका दूध पिया और वापिस घोड़ी बना कर उनकी गाण्ड के छेद में थूक लगा कर अपना लंड उस पर रखा और जैसे ही मैं अन्दर धक्का लगाने वाला था, वो बोलीं- मत कर.. बहुत दर्द होगा।
और मैंने उनके बाल खींचे और लन्ड का जोर गान्ड के छेद पर लगाया।

वो चिल्ला उठीं- आआअहह.. आराम से.. दर्द हो रहा है..
मैं थोड़ा रुका.. क्योंकि वाक़यी उनकी गाण्ड का छेद टाइट था।

फिर थोड़ी देर बाद और एक धक्का लगाया.. और फिर रुका ही नहीं.. धीरे-धीरे अपना स्पीड बढ़ाने लगा और वो पागलों की तरह ‘आहह.. अहहहह.. और चोद अपनी मामी को.. और कर.. चोदो.. अपना लंड मेरी गाण्ड में ही घुसा कर रख.. और पेल मेरी जान.. और छोड़ना मत मुझे और कर.. और.. आह आहह.. उई मर गई.. ऊऊओहूहह.. उफफफ.. डालता रह.. डालता रह..

मैं भी दीवाना होकर उनक मम्मों को चूसता रहा।
फिर मैंने कहा- मेरा निकलने वाला है.. मुँह में लोगी?
‘हाँ.. मुझे मुँह में पीना है।’

मैंने अपना लंड उनके मुँह में पेल दिया और पूरा माल छोड़ दिया.. और मेरी ‘आआआहह..’ निकल गई।

फिर वो मेरा लंड चूस कर साफ़ करने लगी और आख़िर में हम दोनों लेट गए। मैं प्यार से उन्हें चूमने लगा और उनके मस्त चूतड़ों पर हाथ फेरता रहा। मैं इसी के साथ उनके मम्मों को भी चूस रहा था।

और फिर मैं धीरे-धीरे उनकी चूत में अपना लंड डाल कर वापिस हिलने लगा।
बस यारो.. मेरी पहली चुदाई एकदम मस्त हुई.. रात भर हम दोनों ने बहुत बार चुदाई की और मामा के आने तक हम रोज चुदाई करते और मैं तो रोज़ सुबह उठ कर मामी से लिपट जाता और फिर उनकी चूचियाँ दबा-दबा कर मसलता रहता, चुदाई का जोश चढ़ने पर उनकी नाइटी उठा कर उनकी चुदाई शुरू कर देता।

आशा करता हूँ कि आपको मेरी पहली चूत की चुदाई की यह सच्ची कहानी पसंद आई होगी.. कमेन्ट्स करें और मुझे इमेल भी करें।
psingh3188@gmail.com

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