AntarVasna.Us
Free Hindi Sex stories
Only for 18+ Readers

Mai Apne Jeth Ki Patni Ban Kar Chudi- Part 1

» Antarvasna » Hindi Sex Stories » Mai Apne Jeth Ki Patni Ban Kar Chudi- Part 1

Added : 2016-01-25 21:50:50
Views : 4078
» Download as PDF (Read Offline)
Share with friends via sms or email

You are Reading This Story At antarvasna.us

अन्तर्वासना के पाठकों को आपकी प्यारी नेहारानी का प्यार और नमस्कार।
कहानी पढ़ने से पहले मेरी पिछली कहानियाँ जरूर पढ़ें।
मैं हाजिर हूँ एक नई कहानी लेकर..
यह कहानी अक्टूबर 2010 की है.. मैं जब आगरा से वापिस वाराणसी आई तब की है। यह कहानी मेरे पति की फैमिली से है, मेरे पति के बड़े पिता जी के लड़के की है.. जो लखनऊ में बीडीओ के पद पर थे.. पर जब उनकी बीवी का देहान्त हो गया था.. तो उन्होंने अपनी पोस्टिंग बनारस करा ली थी, वे हमारे ही घर पर रह कर काम कर रहे थे।

बीवी के न रहने से उनकी सेक्स की भूख बढ़ गई थी। वह हमेशा मुझे घूरते रहते और वह अपने कमरे में मुठ्ठ मार कर वीर्य अपने अंडरवियर गिरा कर छोड़ देते थे।
यह उनका हमेशा का काम हो गया था। जब भी मैं उनके कमरे की साफ सफाई करती.. तो अक्सर उनकी गीली चड्डी मिलती और मैं भी उसे सूँघकर देखती.. पर मेरे दिल में जेठ जी के प्रति कभी गलत भावना या उनसे चुदने का ख्याल नहीं रखती.. मैं यह सोचकर रह जाती कि बेचारे को हाथ से करने के सिवा और क्या कर सकते हैं।
मेरी उनके प्रति सहानभूति थी।

वे कभी मुझसे बोलते नहीं थे, मैं चाय नाश्ता उनके रूम में ही पहुँचा देती और खाना भी वो कमरे में ही खाते थे.. पर जब भी मैं किसी काम से जाती.. तो वह मुझे चोर निगाहों से देखते रहते थे।

जब से मैं आगरा से जमकर चुदवा कर आई थी.. मेरे शरीर में एक बदलाव आ गया था और मेरा फिगर पहले से भी अच्छा हो गया था। खासकर मेरे चूतड़.. जो कि किसी को भी अपना दीवाना बना डाले।
मेरे ससुराल आते ही मुझे इतना लण्ड मिल गया कि मैं आगरा से आने के बाद पति से रोज चुदाई करवाती थी क्योंकि मेरी बुर को लण्ड खाने की आदत पड़ गई थी।

मैं अब ज्यादा गौर करने लगी कि जेठ जी का अब कुछ ज्यादा ही सेक्सी और रोमान्टिक हो रहे थे, अब वो कभी भी मौका देखकर मेरे कमरे में तांक-झाँक करते रहते।
कई बार मुझे लगा कि वे मुझे चुदते हुए देखते हैं.. पर मेरे पास कुछ सबूत नहीं था। जब भी मैं रात को सेक्स करती.. तो मुझे ना जाने क्यों महसूस होता कि जेठ जी देख रहे हैं और मेरे अन्दर उत्तेजना बढ़ जाती और मैं खूब खुल कर चिल्ला कर चुदने लगती।

एक दिन की बात है, मैं कमरे में कपड़े बदल कर रही थी और मुझे आहट सी लगी कि कोई मुझे देख रहा है।
उस वक्त घर में मेरे और जेठ के अलावा कोई नहीं था।
जैसे ही मुझे लगा कि सच में कोई है.. मेरा रोम-रोम गनगना उठा।

उस समय मैं ब्रा-पैन्टी में थी और शरीर में वैसलीन का बॉडी लोशन लगा रही थी।
मुझे थोड़ी शरम भी आ रही थी.. मैं उस वक्त अगर शरीर ढकती या पलटती तो जेठ जी समझ जाते कि मैं जान गई हूँ, इसलिए मैं जो कर रही थी.. उसी तरह करती रही ताकि उनको पता ना चले कि मैं समझ गई हूँ कि कोई देख रहा है।
मैं जेठ जी को लज्जित नहीं करना चाहती थी।

मैंने लोशन लगाते हुए थोड़ा तिरछी होकर देखा.. तो मैं शरमा उठी दरवाजे को थोड़ा खोलकर जेठ जी कमरे में मुझे देखते हुए अपना लण्ड बाहर निकाल कर हिला रहे थे।
मेरा विश्वास पक्का हो गया कि जेठ जी की नीयत मेरे पर ठीक नहीं है क्योंकि जेठ जी अपनी बहू को नंगी हालत में देखकर अपने मन में मुझे चोदने का ख्याल रखकर लण्ड पकड़ कर मेरी बुर चोदने का सोच कर मुट्ठ मार रहे थे। पर मैं बार-बार जेठ जी को अपनी भावनाओं में नहीं लाना चाहती थी।

मेरी भी सोच जवाब दे गई.. जब जेठ जी मेरे विषय में सोचकर लण्ड हिला सकते हैं.. तो मैं क्यों नहीं और मैं तो चूत, फ़ुद्दी, बुर के लिए तरसते जेठ की मदद कर रही हूँ।
जेठ जी को लण्ड हिलाते देखकर मेरी भी वासना हिलोरें मारने लगी।
क्योंकि मेरी आदत भी अलग-अलग मर्दों के लण्ड से चुदने की पड़ गई थी और मैं जब से आगरा से आई हूँ.. मुझे केवल पति के लण्ड से चुद कर संतोष करना पड़ रहा था।

जेठ जी का लण्ड मेरे पति के लण्ड जैसा बड़ा था.. पर मोटा कुछ अधिक था, उनके लण्ड का सुपारा काफी फूला हुआ था।
जेठ जी का लण्ड देखकर मेरी चूत ने पानी छोड़ दिया और फिर मैं जानबूझ कर और ज्यादा दिखाते हुए अपने जिस्म में लोशन लगाने के साथ साथ अपनी बुर की फांकों में और चूचियों में लोशन रगड़ कर चूत की मालिश करती रही।

मैं जितना जेठ को चूत दिखाना चाह रही थी उतनी अधिक मेरी चूत चुदने के लिए व्याकुल हुई जा रही थी। मैं चुदाई की वासना के नशे में अपनी पैन्टी नीचे खिसका कर चूत को नंगी करके लोशन लगाते हुए पीछे से झुककर अपनी बुर दिखाने के साथ मैं पनियाई हुई बुर को मसक देती थी। उधर जेठ जी मुठ्ठ मारे जा रहे थे.. वे इस बात से बेखबर लग रहे थे कि मैं जानबूझ कर सब दिखा रही हूँ।

अब मेरी चूत खुद चुदना चाहती थी.. मैं गरम होती जा रही थी। एक बार तो मुझे महसूस हुआ कि मैं जाकर जेठ जी का खुद ही लण्ड पकड़ कर कह दूँ कि हिलाना छोड़ो.. और मेरी बुर आपके सामने खुली पड़ी है.. अपना लौड़ा डाल कर.. इसकी फांकों में अपने लौड़े का सुपारा फंसाकर.. अपनी गरमी मेरी चूत में डाल दो।
पर मेरी हिम्मत नहीं हो रही थी।

मैं वासना के नशे में जलते हुए बुर को मसकते हुए दरवाजे की तरफ घूमकर बुर को रगड़ने लगी। ऐसा करने से मेरी चिकनी बुर पूरी तरह जेठ के सामने थी।
मैंने कनखियों से देखा.. तो जेठ जी की लण्ड हिलाने की स्पीड बढ़ गई थी और वह बस ‘सटासट’ सोटते हुए लण्ड पर मुठ्ठ मार रहे थे। मैं गरम और चुदासी चूत लेकर मुठ्ठ मारते देखने के सिवा कर भी क्या सकती थी।

मैंने अपनी ब्रा के हुक को खोल कर अपनी चूचियों को आजाद कर दिया। एक हाथ से मैं अपने कलमी आमों पर लोशन की मालिश करते हुए दबाकर वासना को कम करना चाहती थी। साथ ही दूसरे हाथ से अपनी चूत को मसल रही थी और बाहर मेरे जेठ जी मेरे जिस्म.. चूत और गान्ड को देखते हुए अपने लण्ड को कुचलते हुए अपना लावा निकालना चाहते थे।
वह वासना के नशे में चूर होकर बस अपना वीर्य निकाल कर शान्त होना चाहते थे।

मैं उनकी मदद करते हुए चूत को चौड़ा करते हुए बुर की गुलाबियत को पूरी तरह दिखाते हुए मालिश कर रही थी। मैं यह भी दिखाना चाहती थी कि आपके भाई की चुदाई से मेरी गरमी शान्त नहीं होती.. मुझे लण्ड की जरूरत है।

और तभी मेरी निगाह दरवाजे पर पड़ी.. जेठ जी का लण्ड वीर्य उगलने लगा था। जेठ जी सिसिया रहे थे- आहह.. सी.. नेहा.. आह.. चुद जा मेरे लौड़े से.. आह.. सीई.. आह.. नेहा..
वे झड़ रहे थे.. जबकि उनकी आवाज मुझे सुनाई दे रही थी।
वे सब भूल कर बस अपना पूरा वीर्य दरवाजे पर गिराकर चले गए।
शायद यह सब वह उत्तेजना में बोल गए थे।

मैं भी आखरी बार अपनी चूत को मसक कर पैन्टी-ब्रा और कपड़े पहन कर सारी घटना को बैठ कर याद कर रही थी।
तभी मुझे बाहर जेठ के पुकारने की आवाज आई।

कहानी के अगले अंक में जानिए.. क्या मुझे जेठ ने चोदा कि अभी देखकर ही अपना वीर्य निकालते रहे।
एक बात और.. मैं जेठ की वासना को शान्त करके सही हूँ या नहीं.. जरूर बताइए।

आपको मैं इस कहानी का अगला भाग लेकर यहीं अन्तर्वासना पर फिर मिलूँगी। आपकी प्यारी और चुलबुली नेहारानी।
neharani9651@gmail.com

» Back
2016 © Antarvasna.Us
Kamukta, Hindi Sex Stories, Indian Sex Stories, Hindi Sex Kahani, Desi Chudai Kahani, Free Sexy Adult Story, New Hindi Sex Story