Saheli Ke Bhai Ke Sath Pahli Chut Chudai- Part 2 - Antarvasna.Us
AntarVasna.Us
Free Hindi Sex stories
Only for 18+ Readers

Saheli Ke Bhai Ke Sath Pahli Chut Chudai- Part 2

» Antarvasna » Hindi Sex Stories » Saheli Ke Bhai Ke Sath Pahli Chut Chudai- Part 2

Added : 2016-02-24 22:30:58
Views : 1660
» Download as PDF (Read Offline)
Share with friends via sms or email

You are Reading This Story At antarvasna.us
अपनी कहानिया भेजे antarvasna.us@gmail.com पर ओर पैसे क्माए

थोड़ी ही देर में रोशन वहाँ पहुँच गया और रोशन को देख कर मैं हैरान हो गई। रोशन बहुत ही हैंडसम था, गोरा वर्ण, हाइट 6 फ़ीट, शरीर से बोडी बिल्डर जैसा था।

तभी प्राची ने कहा- रोशन, यह सुजाता है, इसी को तुम्हें आज चोदना है। जाओ सुजाता, रोशन की गाड़ी पर बैठो और अपनी वासना पूरी कर लो।
मैं रोशन की गाड़ी पर बैठी और हम वहाँ से निकल गये।

करीब 15 मिनट गाड़ी चलाने के बाद मुझे वो दूर एक होटल में ले गया।
रोशन ने गाड़ी पार्क की और हम रूम में चले गये।

रूम के अंदर प्रवेश करते ही रोशन ने दरवाजा बंद किया और मुझसे कहने लगा- सुजाता, अब तुम अपना रूमाल अपने चेहरे से हटा दो, मुझे तुम्हारा चेहरा देखना है!
जैसे ही मैंने अपने चेहरे से रूमाल हटाया, रोशन मेरा खूबसूरत चेहरा देखकर पागल सा होने लगा और कहने लगा- सुजाता, तुम तो किसी पके आम की तरह लग रही हो, आज मैं इस आम को पूरा चूस जाऊँगा!

दोस्तो, आप बहुत बोर हो गये होंगे तो अब मेरी चुदाई सुनो, उम्मीद है आपका लंड पानी छोड़ देगा।

रोशन मेरे पास आया और मुझे अपने से चिपका लिया, मुझे दीवार से चिपका दिया और मेरे होठों को चूमने लगा। होठों को चूमते
चूमते वो मेरे गले को भी चूम रहा था, उसने अपना एक हाथ से मेरे पैर को ऊपर उठाया और मेरे चूतड़ के बीच से हाथ फिराया।
मुझे बड़ा मजा आ रहा था।

रोशन मुझे पागलों की तरह चूमने लगा और चूमे भी क्यों ना… मैं हूँ ही इतनी खूबसूरत!

इसी बीच मेरी सांसें भी तेज होने लगी और मेरी चूत पर उसके लंड का अहसास होने लगा।
करीब 15 मिनट मेरे होठों का रस पीने के बाद उसने मुझे अपने से अलग किया।
मैं पलंग पर जाकर बैठ गई।

तभी रोशन ने अपने सारे कपड़े उतार दिये और मेरे सामने नंगा हो गया।
रोशन मेरे पास आकर बैठा और मेरे उरोजों को दबाने लगा। कुछ देर बाद रोशन ने मेरी टी-शर्ट और ब्रॉ को एक साथ उतार के मुझे आधा नंगा किया, मेरे गोरे स्तन देखकर उसने कहा- सुजाता क्या चूचे हैं तुम्हारे!
इतना कहकर वो मेरे चूचों को जोर जोर से दबाने लगा, मेरी सांसें फ़िर से तेज होने लगी, मेरे मुँह से ‘आआआह्हह ऊऊऊओ… जोर से दबा, और तेज़ आस्स्स… और जोर से…’ ऐसे आवाजें निकलने लगी।

करीब 15 मिनट तक उसने मेरे दूध दबाए, मेरे गोरे स्तन पूरी तरह से लाल हो गये और मेरी चूत भी गीली हो गई।

कुछ देर बाद रोशन ने मुझे खड़ा किया और मेरी चूत को सहलाने लगा, मुझे बड़ा मजा आने लगा।
कुछ देर ऐसा करने के बाद रोशन ने मेरी जीन्स और चड्डी उतार दी।
मैं रोशन के सामने पूरी नंगी हो गई।

रोशन ने मुझे घुटनों के बल बिठा दिया और अपने लंड को चूसने को कहा।
मैंने लंड हाथ में पकड़ा और चूमने लगी, लंड का टेस्ट मेरे मुँह को भा गया, अब मैं लंड को अपने हाथों से अंदर बाहर करने लगी।

करीब दस मिनट के बाद रोशन ने मेरे मुँह को पकड़ा और जोर से लंड को अंदर-बाहर करने लगा, कुछ देर में रोशन का लंड टाइट हो गया और उसने लंड की स्पीड को बढ़ाया और जब उसके लंड से वीर्य निकलने लगा, उसने अपने लंड को मेरे मुँह के अंदर डाल कर दबा दिया।

कुछ ही सेकेंड में उसने पूरा वीर्य मेरे मुँह में छोड़ दिया और वो मेरे शरीर के अंदर चल गया।
और जैसे ही लंड बाहर निकाला तो मेरे जान में जान आई, मैं रोशन से कहने लगी- यह क्या किया तुमने? मेरी तो जान ही निकाल दी!
कोई इतनी देर तक लंड को मुँह में दबाकर रखता है क्या? मुझे साँस लेने में बहुत पीड़ा हो रही थी।

‘मुझे माफ कर दो सुजाता, अब ऐसा नहीं करूँगा।’
‘चलो सुजाता, अब पलंग पर लेट जाओ, मैं तुम्हारी चूत चाटूँगा। अपनी चूत देखो, देखो पूरी तरह गीली हो गई है।’
‘हाँ रोशन सही कहा तुमने, अब जल्दी से तुम मेरी चूत चाटो, मैं पलंग पर लेट जाती हूँ।’

मैं पलंग पर लेट गई और अपनी टांगे चौड़ी कर दी। रोशन मेरी चूत को अपन मुँह से चाटने लगा, जीभ से मेरी चूत के दाने को
रगड़ने लगा, मैं पूरी उत्तेजना से भर गई, मेरी सांसें सिसकारियाँ लेने लगी, मेरे मुँह से ‘आआह्ह्ण्ण… आआअह उउउऐर जोर से चूस्स्स्स्स… घुसा दे पूरा मुँह मेरे चूत में… आआआह्हह और जोर से… फाड़ दे मेरे फुद्दी को आज…’ ऐसी आवाजें निकलने लगी।

तभी मेरा शरीर अकड़ने लगा और कुछ ही देर में मेरी चूत ने वीर्य निकाल दिया।
उसके बाद रोशन ने कहा- अभी मैं तुम्हारी चूत में अपना लंड डालूंगा, तुम्हें थोड़ा दर्द होगा, मगर बाद में बड़ा मजा आयेगा।
‘डाल दो मेरी चूत में अपना लवड़ा और फाड़ दो मेरी फुद्दी को!’

रोशन मेरे जिस्म पर लेट गया और अपने लंड को मेरे चूत पे टिका दिया। रोशन धीरे धीरे लंड को मेरी चूत के अंदर कर रहा था, मुझे दर्द के साथ मजा आ रहा था लेकिन उसके बाद जो किया उससे मुझे यमलोक का द्वार नज़र आने लगा।

रोशन ने मेरे मुँह पर अपना मुँह रख दिया और एक जोर का लंड का झटका मेरी चूत पर दे मारा। झटका इतना जोरदार था कि मेरी गांड उछल पड़ी और तभी रोशन का पूरा लंड मेरी चूत में घुस गया।

मैं रोने लगी- निकालो इसे रोशन, बहुत दर्द हो रहा है!
लेकिन रोशन नहीं माना।
तभी रोशन ने लंड को अंदर ही रहने दिया और मेरे होठों को चूमने लगा, कुछ देर बाद दर्द कम हो गया तो मैं अपनी चूत को हिलाने लगी।
रोशन समझ गया कि अब मेरा दर्द चला गया। फ़िर रोशन धीरे धीरे मेरी चूत के अंदर बाहर लंड करने लगा, मुझे बहुत मजा आ रहा था, मैं मानो सातवें आसमान में थी, मेरे मुँह से ‘आह्ह्ह्ह जम के उफ़्फ़… हम्फ़… फ्फ्फ्फ्फ स र्रर…’ जैसी आवाजें निकल रही थी।

कुछ ही देर में मैंने पानी छोड़ दिया लेकिन रोशन का अभी बाकी था।
कुछ देर बाद रोशन का भी टाइम आया और उसने अपने झटके तेज कर दिये और करीब 15-20 स्ट्रोक मारने के बाद उसने अपना
सारा वीर्य मेरी चूत में छोड़ दिया।

रोशन निढाल होकर मेरे शरीर से हट गया और लेट गया।
मैं भी बहुत थक गई थी, हम दोनों पलंग पर लेट गये।
आधा घंटा आराम करने के बाद रोशन ने कहा- अब हमें यहाँ से चलना चाहिये!
हम दोनो फ्रेश हुए और वहाँ से चले आए।

रोशन ने मुझे हॉस्टल में छोड़ दिया और मैं अपने रूम में जाकर सो गई।

तो दोस्तो, यह थी मेरी पहली चुदाई की कहानी… आपको कैसी लगी? मुझे ढेर साले मेल भेजें।
sujatap527@gmail.com

» Back
2016 © Antarvasna.Us
Kamukta, Hindi Sex Stories, Indian Sex Stories, Hindi Sex Kahani, Desi Chudai Kahani, Free Sexy Adult Story, New Hindi Sex Story