हेमा भाभी को दिया बर्थ-डे गिफ्ट - Antarvasna.Us
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हेमा भाभी को दिया बर्थ-डे गिफ्ट

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Added : 2016-04-17 23:36:38
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प्रेषक : जय …

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम जय है और में अंबाला में रहता हूँ, लेकिन मेरा गाँव कानपुर में है। दोस्तों में बहुत समय से antarvasna.us का पाठक हूँ। दोस्तों ये बात आज से करीब तीन साल पहले की है। में एक शॉपिंग माल में खड़ा था और उस समय में अपना मोबाइल रीचार्ज करवा रहा था। तभी वहां पर एक भाभी आई जो सफेद कलर की साड़ी पहने हुई थी और पीछे से उसकी गांड बिल्कुल टाईट थी जिसको देखकर मेरा ऐसा मन कर रहा था कि उसकी गांड को अपने दोनों हाथों से मसल दूँ और यही इसे चोद दूँ, लेकिन किसी तरह खुद को कंट्रोल किया, उसके मोबाइल में शायद कुछ समस्या थी जिसे दिखाने वो वहां पर आई थी। फिर उसने दुकान वाले से कहा कि उसके मोबाईल में आवाज़ ठीक नहीं आती और फिर उसने अपना मोबाईल नंबर उसे बताया और कहा कि वो कॉल करके देखे। तभी उसने फोन करके आवाज सुनी और अब पूरी समस्या समझ में आ गई और में पीछे खड़ा होकर उसकी सारी बातें सुन रहा था और जैसे ही उसने अपना नंबर बताया मैंने उसे अपने मोबाईल में सेव कर लिया और फिर में वहां से चला गया।

फिर कुछ देर बाद मैंने उस नंबर पर कॉल किया तो मुझे किसी औरत की आवाज़ आई जो उसी औरत की आवाज़ लग रही थी और मुझे विश्वास हो गया कि उसका नंबर सही सेव हुआ है। फिर उसके बाद में आए दिन उसे मिस कॉल मारता रहता था। शुरू में तो उसने कोई महत्व नहीं दिया, लेकिन कुछ दिनों के बाद वो मुझे मिस कॉल देने लगी और अब में समझ गया कि अब मेरा काम बन सकता है। मैंने उससे बात करना शुरू किया तो वो मुझे झूठी नाराज़गी दिखाती थी, लेकिन कॉल नहीं काटती थी और उसने मुझसे पूछा कि तुम्हे मेरा नंबर कहाँ से मिला? मैंने उसे बताया कि किस तरह मैंने उसका नंबर लिया और फिर हम लोग बात करने लगे। दोस्तों अब वो खुद हर रोज मुझे कॉल करने लगी थी। फिर एक दिन मैंने उससे कहा कि तुम मुझे बहुत सुंदर लगती हो। तो उसने पूछा कि ऐसा अच्छा क्या है मेरे अंदर जो तुम्हे इतना अच्छा लगता है? मैंने कहा कि तुम सर से लेकर पैर तक इतनी सुंदर हो कि तुम्हे देखते ही मेरा खड़ा हो जाता है। तभी उसने मुझसे पूछा कि क्या खड़ा हो जाता है? लेकिन मैंने उसकी बात का कोई जवाब नहीं दिया, तो उसने एक बार फिर से पूछा कि बताओ ना तुम्हारा क्या खड़ा हो जाता है? तभी मैंने कहा कि मेरा लंड तुम्हे देखकर खड़ा हो जाता है, उसने पूछा कि ऐसा क्यों? तो मैंने कहा कि तुम्हारी गांड देखकर मेरा मन करता है कि में तुम्हे चोदता रहूँ। फिर उसने कहा कि ठीक है समय आने पर देखेंगे कि तुम कितना चोदते हो? और इसी तरह बात करते करते मुझे पता चला कि उसका पति दरुबाज़ है और कभी भी उसे संतुष्ट नहीं कर पाता है और उसने मुझे बताया कि मेरा पति रोज दारू पीकर घर आता है और मेरे साथ बिल्कुल भी कुछ नहीं करता, बस वो मेरी साड़ी को उठाता है और मुझे ऐसे ही छोड़कर सो जाता है, मेरे जिस्म के बारे में कुछ नहीं सोचता और मैंने ध्यान दिया है कि आज कल तो उसका लंड खड़ा भी नहीं होता हमेशा लटका हुआ मुरझाया हुआ रहता है। फिर मैंने उससे कहा कि तुम बिल्कुल भी चिंता मत करो भाभी, तुम्हारा यह देवर है ना, यह तुम्हारी सारी ज़रूरत पूरी करेगा। दोस्तों उस दिन उसने पहली बार कहा कि में तुमसे बहुत प्यार करती हूँ और तुम बहुत अच्छे हो और बोली कि जय तुम मुझे ऐसे ही प्यार करते रहना, में तुम्हारे प्यार की बहुत भूखी हूँ। फिर मैंने कहा कि भाभी आप बिल्कुल भी चिंता मत करो। में हमेशा आपका ऐसे ही प्यार के साथ ख्याल रखूंगा।

दोस्तों फिर एक बार की बात है में बस स्टॉप पर खड़ा हुआ बस का इंतजार कर रहा था और में जैसे ही बस में चड़ा तो मैंने देखा कि वो भाभी भी उस बस में पहले से ही बैठी हुई थी और मैंने उसे देखकर स्माईल दी तो उसने भी स्माईल देकर जवाब दिया और फिर में उनके पास में जाकर चिपककर बैठ गया और फिर मैंने अपना एक हाथ उसके पेट के पीछे से घुमाकर उसकी कमर पर रख दिया। उस दिन उसने नीले कलर का सूट पहना हुआ था और फिर जैसे ही मैंने उसकी कमर पर हाथ रखा तो उसने अपनी चुन्नी से मेरा हाथ ढक दिया और फिर क्या था? मैंने तुरंत अपना हाथ उसके सूट के अंदर डालकर उसकी ब्रा के ऊपर से ही उसके बूब्स को पकड़ लिया। वाह दोस्तों क्या बूब्स था उसका, इतना बड़ा कि मेरे हाथों में नहीं आ रहा था और मैंने ब्रा के ऊपर से ही उसके बूब्स को दबाना शुरू कर दिया दोस्तों उसके इतने टाईट बूब्स थे कि बस आप पूछो ही मत और वो भी अब धीरे धीरे सिसकियाँ लेने लगी आआहह ऊऊओह आईईईई और मुझसे चिपककर बैठ गयी।

फिर मैंने अपने हाथों से उसकी सलवार का नाड़ा खोला जिससे सलवार थोड़ी ढीली हो गयी और अब में उसकी चूत में उंगली करने लगा वो थोड़ी देर तो मज़े लेती रही, लेकिन फिर अचानक से उसने मेरा हाथ ज़ोर से झटका देकर हटा दिया और कहा कि यहाँ पर नहीं। फिर मैंने कहा कि ठीक है जैसा तुम चाहो, फिर उतरते वक़्त मैंने उससे पूछा कि क्यों कैसा लगा? तो उसने मुझे जवाब देने की जगह उल्टा मुझसे पूछा कि तुम्हे कैसा लगा? मैंने कहा कि मुझे तो बहुत मज़ा आया और फिर उसने मुस्कुराते हुए मुझसे कहा कि तुमसे ज़्यादा मुझे मज़ा आया और उसके बाद हम लोगों ने उसी दिन से फोन सेक्स करना शुरू कर दिया और जब उसका पति घर पर नहीं होता वो मुझे कॉल करती और में उससे कहता कि अपनी चूत में उंगली डालकर मुझे याद करो और वो अपनी उंगली को चूत के अंदर डालकर ज़ोर ज़ोर से आहें भरने लगती जिसे सुनकर में भी उसके नाम की मुठ मारता और फिर में बहुत बेसब्री से इंतज़ार करता कि वो मौका कब आएगा जब में इस भाभी की चूत की खुजली अपने लंड से मिटाऊंगा और फिर आख़िर थोड़ा इंतजार करने के बाद वो दिन आ ही गया जिसका मुझे बड़ी बेसब्री से इंतजार था और वो दिन था उसका जन्मदिन। उस दिन सुबह ही मैंने उसे कॉल किया और उसे जन्मदिन की मुबारकबाद दी और उससे पूछा कि बताओ भाभी तुम्हे क्या चाहिए? तो उसने कहा कि जो में तुमसे माँगूंगी क्या वो तुम मुझे दोगे? तो मैंने कहा कि भाभी सब कुछ आप ही का है बेझिझक माँग लो, तो उसने कहा कि पहले एक बार सोच लो क्योंकि आज मेरा जन्मदिन है और में जो तुमसे माँगूंगी तुम्हे वो मुझे देना पड़ेगा? तो मैंने कहा कि भाभी आप माँगो में तैयार हूँ तो उसने कहा कि अगर ऐसा है तो तुम 1/2 घंटे में तैयार होकर पास वाले बस स्टॉप पर आ जाओ। मैंने कहा कि ठीक है और में समझ रहा था कि आज यह मुझसे चुदकर ही रहेगी। में नहाया और तैयार होकर मैंने पास के मेडिकल स्टोर से एक कंडोम का पेकेट ले लिया और बस स्टॉप पर जाकर उसका इंतजार करने लगा।

अब में इंतजार कर ही रहा था कि तभी एक ऑटो मेरे पास आकर रुका तो में एकदम हैरान हो गया और मैंने देखा कि उसमे मेरी हेमा भाभी बैठी हुई थी। उसने मुझे इशारा करके अंदर बुलाया और में अंदर चला गया और फिर ऑटो चल दिया। फिर उसने मुझे बताया कि आज का दिन वो मेरे साथ किसी होटल में बिताना चाहती है। दोस्तों उसके मुहं से यह बात सुनकर मेरी तो ख़ुशी का कोई ठिकाना ही नहीं रहा मैंने कहा कि ठीक है और ऑटो को एक होटल के पास रुकवाया और उस होटल में एक ए.सी. रूम बुक करवाया, रूम की चाबी लेकर हम लोग रूम की तरफ चले गए और जैसे ही हम लोग अंदर घुसे तो उसने तुरंत दरवाजे की कुण्डी लगा दिया और मुझसे लिपटकर कहने लगी कि जय प्लीज आज मेरी प्यास बुझा दो, में बहुत दिनों से प्यासी हूँ और वो मुझे कसकर चूमने लगी। फिर जब मैंने देखा कि यह तो बहुत जोश में है तो मैंने भी उसे कसकर अपनी बाहों में भर लिया और उसके होठों को ज़ोर से चूसने लगा। दोस्तों ये कहानी आप antarvasna.us पर पड़ रहे है।

फिर उसके पीछे जाकर उसके गले और गालों पर किस करने लगा और एक हाथ से उसके बूब्स को पकड़ लिया और अपना दूसरा हाथ उसकी चूत पर रखकर उसकी चूत को मसलने लगा। अब वो मेरी बाहों में बिन पानी की मछली की तरह छटपटाने लगी और फिर बेड पर बैठकर मुझे अपनी तरफ़ खींच लिया और उसने अपना सूट उतारकर फेंक दिया और अपनी ब्रा को भी उतार दिया। फिर मुझे उसका यह जोश देखकर बड़ी ख़ुशी हो रही थी और मैंने भी अपनी शर्ट को उतार दिया और उसके ऊपर लेटकर उसके बूब्स को मुहं में लेकर चूसने लगा और तब मुझे बड़ी ख़ुशी हुई जब मैंने यह देखा कि उसके तो बूब्स से दूध भी आता है में उसकी एक चूची को हाथ में लेकर ज़ोर से दबाने लगा और दूसरी चूची को मुहं में भरकर पके आम की तरह चूसने लगा वो ज़ोर ज़ोर से सिसकने लगी और मुझसे कहने लगी कि हाँ चूसो जय और ज़ोर ज़ोर से चूसो आज मेरे दोनों दूध खाली कर दो, चूसो इन्हे कस कसकर चूसो। दोस्तों करीब 1/2 घंटे उसके बूब्स को चूस चूसकर मैंने एकदम लाल कर दिया और फिर मैंने उसकी सलवार का नाड़ा भी खोल दिया और उसकी सलवार को उतार दिया और उसकी पेंटी के ऊपर से ही उसकी चूत को चूसने लगा उफ़फ्फ़ क्या खुशबू थी उसकी चूत की, मुझे तो उसकी चूत का जैसे नशा सा हो गया और फिर उसने मुझसे कहा कि तुमने मेरी चूत तो देख ली, लेकिन तुम अपना लंड कब दिखाओगे? फिर मैंने कहा कि यह अब तुम्हारा ही है मेरी जान तुम खुद ही देख लो, वो मेरे मुहं से यह बात सुनकर मुस्कुराने लगी और फिर उसने मेरी पेंट को उतार दिया और मेरी अंडरवियर को भी उतार दिया और वो मेरे 6.5 इंच के लंड को देखकर बहुत खुश हो गई और अब वो मुझसे कहने लगी कि मेरे पति का लंड तो सिर्फ़ 3 इंच का है, आज पहली बार तुम्हारा लंड खाकर तो मेरी चूत तृप्त हो जाएगी और फिर वो लंड को अपने दोनों हाथों से आगे पीछे करने लगी और मुहं में लेकर लॉलीपोप की तरह चूसने लगी। दोस्तों मेरे लंड के साथ ऐसा करते ही मेरा तो दिमाग़ खराब हो रहा और में मन ही मन सोच भी रहा था कि क्या कोई इंडियन भाभी इतनी जोशीली भी हो सकती है? उसके बाद हम 69 पोज़िशन में आ गये और मैंने अपना लंड उसके मुहं में दे दिया और अपना मुहं उसकी चूत पर रखकर चाटने लगा।

दोस्तों भाभी और औरतों की चूत चाटना मुझे बहुत अच्छा लगता है और करीब 15 मिनट तक लगातार अपनी चूत चटवाने के बाद वो झड़ने लगी और उसने मेरे चेहरे को अपनी जांघो के बीच में दबा लिया और में उसके बाद उसकी चूत के पास आकर बैठ गया और अपना लंड उसकी चूत पर मारने लगा वो उछलने लगी और उसने मेरा लंड पकड़कर अपनी चूत पर रख लिया। फिर मैंने जैसे ही अपना लंड धीरे से धक्का देकर उसकी चूत में डाला तो उसके मुहं से आहहह्ह्ह उह्ह्ह्हह्ह निकल गयी और मैंने पूछा कि क्या हुआ? उसने कहा कि कुछ नहीं, तुम रूको मत, अपना पूरा लंड घुसेड दो मेरी चूत में और आज फाड़ दो इसको, बहुत खुजली है इसमें आज मिटा दो इसकी सारी खुजली। फिर मैंने एक ज़ोर का झटका मारा और पूरा का पूरा लंड उसकी चूत में डाल दिया तो एकदम से उछल पड़ी और छटपटाने लगी, लेकिन फिर थोड़ी देर छटपटाने के बाद वो बिल्कुल शांत हो गई तो में समझ गया कि अब यह अपनी चुदाई के लिए तैयार है और मैंने जोरदार झटके उसकी चूत में लगाने शुरू किए।

तभी वो मुझे अपनी तरफ खींचकर मेरे होंठो को अपने होठों में लेकर चूस रही थी और उसके बाद मैंने उसे घोड़ी बनने को कहा तो वो मुझसे मुस्कुराकर बोली कि तुम आज मुझे क्या क्या बनाओगे? तो मैंने उससे कहा कि मेरी जान जो में बनाता हूँ बस तुम बनती जाओ और तभी तुम्हे चुदाई का असली मज़ा आएगा और फिर वो घोड़ी बन गयी। फिर मैंने पीछे से अपना लंड उसकी चूत में डाला तो वो अपनी गांड को आगे पीछे करने लगी। अब मैंने कस कसकर उसकी चूत पर धक्के लगाना शुरू किया और वो ज़ोर ज़ोर से आआआहह ऊऊहहह्ह्ह्हह आईईईीस्स्शह कर रही थी और में लगातार झटके लगाए जा रहा था। फिर करीब 15 मिनट तक उसे ऐसे ही चोदने के बाद मैंने उसे सीधा लेटाकर उसके दोनों पैर अपने कंधे पर रख लिए जिसकी वजह से उसकी चूत एकदम टाईट हो गई और फिर मैंने उसकी चूत में अपना लंड जबरदस्ती घुसा दिया और उसे चोदना शुरू किया और करीब 15 मिनट लगातार चोदने के बाद वो झड़कर एकदम निढाल हो गयी, लेकिन में अभी भी पूरे जोश में था इसलिए में ताबड़तोड़ धक्के देकर उसे चोदता रहा और करीब दस मिनट उसे चोदने के बाद मैंने 15-20 धक्के बहुत उछल उछलकर मारे और मेरे हर एक धक्के के साथ वो आअहह उह्ह्ह्हह्ह ससउउम्म्म्ममह ऊऊऊहह कर रही थी। फिर 15-20 झटकों के बाद में झड़कर उससे चिपककर उसके ऊपर ही लेट गया और फिर थोड़ी देर आराम करने के बाद मैंने उससे कहा कि क्यों एक बार और हो ज़ाये? तो वो तुरंत ही तैयार हो गई और वो मेरे लंड को अपने हाथों में लेकर आगे पीछे करने लगी और फिर उसे मुहं लेकर धीरे धीरे चूसने लगी। उसके चूसने का स्टाईल बड़ा ही ग़ज़ब का था और करीब पांच मिनट चूसने के बाद मेरा लंड एक बार फिर से लोहे के समान तनकर खड़ा हो गया और वो अपनी चूत को मसलते हुए बोली कि हाँ आ जाओ मेरी रानी तैयार है जंग के लिए, लेकिन इस बार तुम कंडोम नहीं लगावोगे और में बिना कंडोम के तुम्हारे लंड से अपनी चूत मरवाना चाहती हूँ।

फिर मैंने कहा कि मेरे लिए इससे अच्छा और क्या हो सकता है? और अब मैंने बिना कंडोम के अपना लंड उसकी चूत में डाल दिया और वो मुझे पलटकर मेरे ऊपर आ गई और मेरे ऊपर बैठकर मेरे लंड पर उछलने लगी और में भी अपने दोनों हाथों से उसके बूब्स को मसलने लगा और अब उसके दूध की धार मेरे सीने पर गिरने लगी, दोस्तों में आपको क्या बताऊँ कि वो क्या मस्त अनुभव था? में उसे शब्दों में भी नहीं बता सकता। वो करीब 15 मिनट तक लगातार मेरे ऊपर उछलती रही और फिर थककर नीचे आ गई। मैंने उसे अपनी गोद में उठाकर दीवार के सहारे खड़ा किया और उसके एक पैर को अपने हाथ में पकड़कर उसकी चूत में अपना लंड घुसेड़कर उसकी जोरदार चुदाई करने लगा। दोस्तों वो मुझसे चुदते वक़्त अपने एक पैर पर खड़ी नहीं हो पा रही थी और बार बार लड़खड़ा रही थी, लेकिन में उसे संभाले हुए था और कस कसकर उसे धक्के देकर चोद रहा था और वो कह रही थी कि शाबाश जय शाबाश तुमने आज मुझे चुदाई का असली मज़ा दिया है, अब मुझे जब भी मौका मिलेगा में तुमसे ही चुदवाउंगी तुम चोदो और ज़ोर से चोदो, आज दिखा दो अपने लंड का ज़ोर, हाँ ज़ोर से धक्का दो थोड़ा और अंदर डालो।

दोस्तों उसके मुहं से यह बात सुनते ही मैंने जोश में आकर उसे घोड़ी बनाया और पागलों की तरह ज़ोर ज़ोर से धक्के देकर उसे चोदने लगा, लेकिन थोड़ी ही देर में वो झड़कर एकदम शांत हो गई और पांच दस मिनट उसकी चूत मारने के बाद में भी उसकी चूत में ही झड़ गया और हम बहुत देर तक एक दूसरे से चिपककर नंगे एक दूसरे की बाहों में लेटे रहे। फिर उसने अपने कपड़े पहने और मेरे होठों पर किस करके अपने इस जन्मदिन के गिफ्ट के लिए मुझसे धन्यवाद कहा। फिर मैंने उनसे कहा कि भाभी आप धन्यवाद बोलकर मुझे शर्मिंदा मत करो। फिर उन्होंने मुझसे कहा कि तुम इस धन्यवाद के हकदार हो क्योंकि तुमने मुझे आज वो दिया है जिसके लिए में बहुत सालों से तड़प रही थी और आज से तुम जब भी चाहो मुझे चोद सकते हो, तुम आज से मेरी इस चूत के असली मालिक हो। दोस्तों उसके बाद हम अपने अपने घर पर चले गए, लेकिन अब भी कई दिनों तक हमारी चुदाई का खेल चलता रहा और मैंने उसको करीब आठ महीने तक बहुत बार चोदा और अब उसके पति का तबादला कहीं और हो गया है और अब वो मुझसे जुड़ी हुई नहीं है ।।

धन्यवाद …

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